29122025_629_banners

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि  एवं माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन विशिष्ट अतिथि  के रूप में आज  दिशोम  जाहेर, करनडीह, जमशेदपुर में आयोजित 22 वां संताली  "परसी महा " एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि  जनजातीय भाषा और संस्कृति को पहचान एवं सम्मान दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आदिवासी समाज के साथ मिलकर प्रयास निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज का यह समारोह भी काफी विशेष है। क्योंकि, हमें संताली भाषा और साहित्य के विकास में साहित्यकारों तथा बुद्धिजीवियों को उनके योगदान के लिए  सम्मानित कर गर्व की अनुभूति हो रही है।

29122025_629_2

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश में ओलचिकी लिपि से संथाली भाषा का पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार वचनबद्ध है। साथ ही जनजातीय भाषाओं के विकास और उसे सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध करने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। आज संताली जैसी जनजातीय भाषाओं से आदिवासी समाज की आवाज बहुत दूर तक पहुंच रही है।

29122025_629_5

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज आज अगर सशक्त हो रहा है तो इसमें  हमारे देश की परम आदरणीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का इसमें अहम योगदान है। राष्ट्रपति भवन में भी होने वाले कई कार्यक्रमों में आदिवासी समाज और उसकी संस्कृति, परंपरा और पहचान को प्रमुखता के साथ पेश करने का प्रयास होता रहा है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु  जी की  पहल से आदिवासी समाज का मान - सम्मान बढ़ रहा है।    ऐसे में माननीय राष्ट्रपति के  प्रयासों की जितनी प्रशंसा की जाए, वह  कम ही होगी।

29122025_629_21

मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाली भाषा और इसकी लिपि ओल - चिकी का  आज अलग वजूद  है तो इसमें गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू जी का योगदान अविस्मरणीय है। आज से सौ वर्ष पहले उन्होंने ओल चिकी के रूप में संथाली भाषा को एक अलग लिपि दी थी। ऐसे में जब तक  ओल -चिकी लिपि और आदिवासी‑संताल समाज जीवित रहेगा, तब तक पंडित रघुनाथ मुर्मू जी अमर रहेंगे।

29122025_629_24

इस अवसर पर लोक सभा सांसद एवं ऑल संताली राइटर्स एसोसिएशन के सलाहकार श्री कालीपद सोरेन , ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री लक्ष्मण किस्कू,  जाहेर थान कमिटी के अध्यक्ष श्री सीआर मांझी समेत संताली समाज के प्रतिनिधि गण मौजूद थे।

Recent news