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आज जमाना डिजिटल हो चुका है। कोई भी ऐसा सेक्टर नहीं बचा है जो डिज़िटलाजेशन से अछूता हो। डिजिटल सेवाओं में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। हर दिन-  डिजिटल सेवाएं अपग्रेड हो रही है।  ऐसे में आप चाहे या ना चाहे, डिजिटल प्लेटफार्म से अपने को अलग नहीं रह सकते हैं। ऐसे में बेहतर है कि वक्त के अनुरूप  आप अपने  और आने वाली पीढ़ी को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएं। जब आप डिजिटल फ्रेंडली होंगे, तभी आगे बढ़ सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मुख्यालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के द्वारा आयोजित समारोह में 28945 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के बीच  टैबलेट वितरण कार्यक्रम को संबोधित ये बातें कही। इस अवसर पर उन्होंने गुणवत्तायुक्त शिक्षा संवर्धन हेतु विद्यालय रिपोर्ट कार्ड एवं शिक्षकों के लिए 50 घंटे का अनिवार्य समेकित- सतत क्षमता विकास कार्यक्रम का भी ऑनलाइन शुभारंभ किया।  

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी विद्यालयों को डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई ठोस   कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज प्राथमिक विद्यालयों को टैबलेट उपलब्ध करने के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। इससे स्कूलों में उपस्थिति से लेकर सभी रिपोर्टिंग कार्य डिजिटल माध्यम से होंगे. वहीं,  टैबलेट का प्रयोग बच्चों के पठन-पाठन, शिक्षकों के प्रशिक्षण, अनुश्रवण, बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने से संबंधित कार्यों की मॉनिटरिंग आसान हो जाएगी और उसके आधार पर शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में काफी मदद मिलेगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था का व्यापक पैमाने पर डिजिटाइजेशन हो चुका है। स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज चल रहे हैं। डिजिटल शैक्षिक सामग्रियों का इस्तेमाल हो रहा है । ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज चल रहे हैं । ऐसे में अगर हमारे बच्चे अगर डिजिटल फ्रेंडली नहीं होंगे तो उनके आगे की राह आसान नहीं होगी। उन्हें हर कदम पर कई चुनौतियां एवं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसी बात को ध्यान में रखकर सरकार ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने तथा  डिजिटल रूप से उन्हें मजबूत करने करने के अभियान में  जुट गई है। बच्चों का समग्र विकास   हमारी सरकार प्रतिबद्धता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक में आज तेजी से बदलाव हो रहा है। आपकी मुट्ठी में मोबाइल है और उस मोबाइल में सारी दुनिया सिमट गई है। अब आपको ना को पर्स लेकर चलने की जरूरत है और ना ही कैश। आप अपने मोबाइल फोन के माध्यम से अपनी जरूरत को पूरा करने के साथ तमाम जानकारियां हासिल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हर चीज की सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं। मोबाइल फोन भी इससे अच्छा नहीं है,लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि इसका इस्तेमाल किस रूप में करते हैं। अगर आप इसका सदुपयोग करेंगे तो निश्चित रूप से उन्नति के राह पर आगे बढ़ेंगे। बच्चों से कहा कि वे इस डिजिटल जमाने में कहां खड़े हैं और दुनिया कहां पहुंच चुकी है उसका आकलन करते हुए आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के होनहार बच्चों को विभिन्न माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है ताकि वे आगे बढ़ सकें।  आज जैक के साथ सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के टॉपर्स को प्रोत्साहन राशि के साथ लैपटॉप और मोबाइल फोन दिया जा रहा है वहीं,  राज्य सरकार अपने खर्चे पर यहां के गरीब और होनहार विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ने का मौका दे रही है। इसके अलावा अनेक ऐसी योजनाएं हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़नी एवं उनके भविष्य को संवारने का काम हो रहा है  ।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं के प्रभावित होने की बात बार-बार सामने आती है। डिजिटल कनेक्टिविटी की समस्या से तमाम प्रकार के कार्यों एवं सेवाओं में बाधा उत्पन्न होती है, जिससे लोगों को काफी परेशानियां होती है। ऐसे में सरकार सभी पंचायतों में मोबाइल टावर स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी ताकि डिजिटल माध्यम से होने वाले सभी सरकारी कार्य सुचारू, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से संचालित हो सके।

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इस अवसर पर मंत्री श्री रामदास सोरेन,  मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार , शिक्षा सचिव श्री उमा शंकर सिंह एवं  झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक श्री शशि रंजन  मौजूद थे।
 

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