मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने खरसावां स्थित शहीद स्मारक पर शहीद दिवस के अवसर पर केरसे मुंडा स्मारक एवं शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ये भी घोषणा की कि खरसावां गोली कांड में शहीदों के आश्रितों को उनकी सरकार में नौकरी भी दी जाएगी और सम्मान भी दिया जाएगा, जिसके वो हकदार हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि आपकी उम्मीदों और आकांक्षाओं पर हम खरा उतरने का प्रयास करेंगे। इस राज्य में ऐसा कोई काम नहीं होगा, जिससे झारखण्ड के लोगों को तकलीफ हो। झारखण्ड आपका घर है, इसे कैसे संवारना है यह हम सबको मिलकर तय करना है।
मुख्यमंत्री ने अपने नए साल की शुरुआत खरसावां पहुंच कर गोलीकांड के शहीदों को नमन करके की। इस मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने शोषण के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। शोषकों, सामंतों, महाजनों और यहां तक की अंग्रेजों के खिलाफ भी उलगुलान किया है। राज्य का कोल्हान हो, संथाल परगना हो, पलामू हो या फिर छोटानागपुर हो, हर जगह शहीदों के वीर गाथा इस राज्य की गरिमा को बढ़ा रही है, उनके संघर्ष को दर्शा रही है। हमें इन शहीदों के आदर्शों से शक्ति मिलती है, जिस तरह गुवा गोली कांड में शहीद लोगों को चिन्हित कर नौकरी दी गई, उसी तरह खरसावां गोलीकांड में शहीद के आश्रितों को वर्तमान सरकार नौकरी देगी। उन्हें पेंशन देने का कार्य होगा।

आदिवासियों और झारखण्डी के हित में जो होगा, वही निर्णय लिया जाएगा
मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में जो निर्णय लिया गया उसमें एक संदेश है। अब इस राज्य में सिर्फ वही काम होगा जो राज्य हित मे होगा। यहां सिर्फ आदिवासियों और झारखंडियों के हित में निर्णय लिए जाएंगे। राज्य में अब सिर्फ वही काम होगा जो जन मानस के लिए लाभदायक होगा। झारखण्ड में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं मरेगा। पिछले 5 वर्ष में राज्य पर जो कलंक लगा है उसे धोना है। मेरा प्रयास होगा कि इस राज्य के हित में और यहां के लोगों के हित में ही काम होगा। मेरा हर कदम झारखण्ड का मान- सम्मान बढ़ाने, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर रास्ता निकालने वाला, हमारी मां, बहन और बेटियों की सुरक्षा के लिए और अच्छी शिक्षा व्यवस्था के लिए होगा। झारखण्ड को सोने की चिड़िया बनाने के लक्ष्य को हम सभी झारखंडवासी मिलकर प्राप्त करेंगे।

झारखण्ड आप सभी का घर है, इसको हम सबको मिलकर संवारना है
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद यह सरकार का पहला कदम है। हर साल की तरह इस साल भी हम लोग खरसावां के शहीद स्थल पर एकत्रित हुए हैं। निश्चित रूप से झारखण्ड शहीदों का राज्य है। मैं पुनः उन सभी शहीदों को नमन करता हूं और उन शहीदों को याद करके ही हम हर काम प्रारंभ करेंगे। राज्य के पिछड़ा होने के बावजूद शोषण करने वाले वर्गों के खिलाफ हमारे लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी। पूरे राज्य के लोगों ने, आंदोलकारियों ने एक मजबूत प्रयास किया और आज इस राज्य में झारखंडवासियों की सरकार का निर्माण हुआ है। आपने जिस सोच के साथ आशा और उम्मीद के साथ हमें झारखण्ड को आगे ले जाने की जिम्मेवारी सौंपी है, उसका निर्वहन ईमानदारी से करुंगा। यह जिम्मेवारी, यह चुनौती बहुत बड़ी है। हम मिलकर इसके बीच से रास्ता भी निकलेंगे। राज्य के शहीदों ने हमें चुनौतियों को सीने से लगाने का बुलंद हौसला दिया है। इस अवसर पर सरायकेला विधायक श्री चम्पई सोरेन, मनोहरपुर विधायक श्रीमती जोबा मांझी, खरसावां विधायक श्री दशरथ गगरई, जमशेदपुर पश्चिमी विधायक श्री बन्ना गुप्ता, चाईबासा विधायक श्री दीपक बिरुवा, ईचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

