मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने चतरा के ईटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर परिसर में आयोजित राजकीय ईटखोरी महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने मां भद्रकाली मंदिर में पूजा अर्चना कर राज्य के कल्याण और उन्नती की कामना की। महोत्सव में आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन कर मुख्यमंत्री ने उन्हें संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा झारखंड का बोलना ही संगीत और चलना ही नृत्य है। झारखंड की धरा में सिर्फ खनिज ही नहीं, बल्कि यह धर्म स्थली के रूप में भी जाना जाता है। यहां के धार्मिक स्थलों में इतिहास की कई कहानियां छिपी हैं। झारखंड की परंपरागत व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक विरासत के साथ अलग पहचान है।

यह सौभाग्य है मैं पुनः यहां आया
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पूर्व ही मां भद्रकाली के दर्शन का अवसर मिला था। मां ने फिर से मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया है। यह मेरा सौभाग्य है। चतरा में स्थित मां कौलेश्वरी मंदिर के विकास को लेकर सरकार कार्य करेगी। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में झारखंड धार्मिक स्थल के रूप में भी जाना जाए। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा अपनी परंपराओं के साथ नित्य आगे बढ़े।

चतरा के विकास को प्राथमिकता
मंत्री श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण श्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा है कि आज से महोत्सव का शुभारंभ हो रहा है ये हर्ष का विषय है। चतरा स्थित तमसीन में भी इस तरह के समागम का आयोजन होना चाहिए। जहां बिहार और झारखण्ड के लोग जुटते हैं। चतरा पिछड़ा जिला है। राज्य सरकार चतरा के विकास को प्राथमिकता दे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ईटखोरी की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली पुस्तक का विमोचन, शिक्षाविद श्री विद्यानंद झा, पदमश्री मधु मंसूरी हंसमुख को सम्मानित किया। जबकि मुख्यमंत्री को उपायुक्त चतरा ने स्मृति चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। पदमश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने उद्घाटन कार्यक्रम में "झारखण्ड की धरती से निकली है आवाज...परसाथनाथ की चोटी से उठी है आवाज" गीत प्रस्तुत किया। उपायुक्त चतरा ने स्वागत संबोधन किया।

इस अवसर पर मंत्री श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण श्री सत्यानंद भोक्ता, चतरा सांसद श्री सुनील कुमार सिंह, बरही विधायक श्री उमाशंकर अकेला, सिमरिया विधायक श्री किशुन कुमार दास, पदमश्री मधु मंसूरी हंसमुख, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती ममता देवी, आयुक्त उतरी छोटानागपुर श्री अरविंद कुमार, डीआईजी श्री पंकज कम्बोज, उपायुक्त चतरा श्री जितेंद्र कुमार सिंह, निदेशक कला संस्कृति विभाग श्री दीपक कुमार शाही, उप विकास आयुक्त चतरा श्री मुरली मनोहर प्रसाद, सदस्य सचिव, बोधगया मंदिर प्रबंधन श्री नागणजेय दोरजी, अध्यक्ष झारखंड राज्य दिगम्बर जैन धार्मिक न्यास बोर्ड श्री ताराचंद जैन, मुख्य पुजारी माँ भद्रकाली मंदिर श्री नागेश्वर तिवारी व अन्य उपस्थित थे।

