झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट किया पेश

झारखंड सरकार ने  वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अपना पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। वित्तीय वर्ष के लिए कुल 86,370 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट का आकलन किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस बजट को झारखंड के गरीब, किसान और बेरोजगार युवाओं को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड का बजट किसानों को खुशहाल बनाने और युवाओं के सपनों को पंख देने के इरादे से तैयार किया गया है। इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन को केंद्र में रखकर नए झारखण्ड की नींव रखी गई है। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने बजट को सदन में पटल पर रखा। 

बजट 2020-21 की मुख्य विशेषताएं

- वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 86,370 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट का आकलन है, जिसमें राजस्व व्यय 73,315.94 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 13,054.06 करोड़ रुपये का है। 

- वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्थापना व्यय में 37,445.06 करोड़ रुपये, राज्य स्कीम (राज्यांश सहित) में 34,485.72 करोड़ रुपये, केन्द्रीय सेक्टर स्कीम में 3,315.27 करोड़ रुपये तथा केन्द्र प्रायोजित स्कीम (केन्द्रांश) में 11,123.95 करोड़ रुपये यानि कुल 86,370 करोड़ रुपये की आय-व्ययक विवरणी तैयार की गई है।

- बजट में प्रावधानित सकल राशि को यदि प्रक्षेत्र के दृष्टिकोण से देखा जाय, तो सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 25,047.43 करोड़ रुपये, सामाजिक प्रक्षेत्र के लिए 32,167.58 करोड़ रुपये तथा आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 29,154.99 करोड़ रुपये उपबंधित किये गये हैं। 

- वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य को अपने कर राजस्व से करीब 21,669.50 करोड़ रुपये तथा गैर कर राजस्व से 11,820.34 करोड़ रुपये, केन्द्रीय सहायता से 15,839 करोड़ रुपये, केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 25,979.91 करोड़ रुपये, लोक ऋण से करीब 11,000 करोड़ रुपये एवं उधार तथा अग्रिम की वसूली से करीब 61.25 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

- वित्तीय वर्ष 2014-15 में विकास दर 12.5% थी तथा वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2018-19 की अवधि में राज्य की औसत वार्षिक विकास दर करीब 5.7% रही। वर्तमान वर्ष में यह 7.2% रहने का अनुमान है। 

- प्रति व्यक्ति आय स्थिर मूल्य पर चालू वित्तीय वर्ष में 65,802 रुपये अनुमानित है, जो गत वर्ष 62,345 रुपये थी, जो 5.5% का विकास दर परिलक्षित करती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्थिर मूल्य पर GSDP विकास दर 8% तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

आयुष्मान भारत योजना के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा सभी को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा

वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार द्वारा राज्य की आम जनता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के क्रम में राज्य के सभी बी॰पी॰एल॰ परिवारों के अतिरिक्त अन्य ए॰पी॰एल॰ परिवारों को भी (राज्य एवं केन्द्र सरकार के नियमित कर्मियों को छोड़कर) आयुष्मान भारत योजना के अनुरूप 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा राज्य योजना मद से कराये जाने का प्रस्ताव है। अतिरिक्त शामिल किये जाने वाले परिवारों के लिए 1 लाख रुपये तक की राशि का वहन बीमा कम्पनी द्वारा किया जायेगा। चिकित्सा में 1 लाख रुपये से अधिक एवं 5 लाख रुपये तक की राशि में से 50 प्रतिशत राशि लाभुक परिवारों द्वारा ईलाज के उपरांत अस्पताल को Discharge  के पूर्व भुगतान की जायेगी तथा अवशेष 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों को भुगतान की जायेगी। इस तरह राज्य की 92 प्रतिशत जनसंख्या स्वास्थ्य बीमा से आच्छादित हो जायेगी।

धोती/लुंगी एवं साड़ी योजना

राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थ योजना के कुल लगभग 57 लाख परिवारों को खाद्यान्न के अतिरिक्त लुंगी, धोती एवं साड़ी अनुदानित दर पर वितरित किये जाने का प्रस्ताव है। 

मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना

सभी सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा -1 से 12 तक के सभी छात्रों को मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्ति भुगतान किया जाना प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त राशि

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत किये जाने वाले आवासों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अपने कोष से 50,000 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रत्येक लाभुक को दिये जाने का प्रस्ताव है। साथ ही लाभुकों को झारखण्ड की भौगोलिक पृष्ठभूमि को देखते हुए स्थानीय तरीके से घर बनाने की छूट दी जायेगी।

100 यूनिट तक मुफ्त बिजली

सरकार के द्वारा 300 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले परिवारों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। 

प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थानों में कैंसर, किडनी एवं गंभीर लीवर रोग के ईलाज की मुफ्त सुविधा

08 लाख रुपये वार्षिक आय तक के सभी परिवारों को देश के प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थानों में कैंसर, किडनी एवं गंभीर लीवर रोग के ईलाज की सुविधा मुहैय्या करायी जायेगी एवं ईलाज पर होने वाले पूरे खर्च का वहन राज्य सरकार के द्वारा किया जायेगा।

50 वर्ष से उपर के 10 लाख छूटे हुए लोगों को अतिरिक्त राशन

राज्य सरकार राशन कार्ड से वंचित 50 वर्ष से उपर के 10 लाख लोगों को अतिरिक्त राशन मुहैया कराये जाने की योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रारम्भ कर रही है।

अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना

राज्य की 75 प्रतिशत की आबादी कृषि एवं संबंधित प्रक्षेत्र पर निर्भर है। इस प्रक्षेत्र से जुड़े लोगों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है। ऋण के बोझ से दबे किसान, जिनकी आय का एक बड़ा हिस्सा ऋण चुकाने में ही चला जाता है, के लिए राज्य सरकार ने अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। 

बेरोजगार युवक/युवतियों को सहायता राशि

वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के बेरोजगार युवक/युवतियों को सहायता राशि उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव है। राज्य के वैसे स्नातक/स्नातकोत्तर बेरोजगार युवक, जिन्होंने विगत् तीन वर्षों के अन्दर डिग्री प्राप्त की है एवं जो राज्य के नियोजनालयों में निबंधित हैं और प्रयास करने के बावजूद बेरोजगार हैं, उन स्नातक/स्नातकोत्तर युवकों को दो वर्षों के लिए क्रमशः 5,000 रुपये तथा 7,000 रुपये प्रतिवर्ष सहायता राशि प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 146 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री कैंटीन योजना

मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के अन्तर्गत राज्य के स्वीकृत 377 दाल-भात केन्द्रों पर 05 रुपये की दर से गरीब व्यक्तियों को एक समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इन केन्द्रों को अधिक व्यवस्थित करते हुए एवं इनका प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों के महत्वपूर्ण केन्द्रों पर भी करने के उद्देश्य से आगामी वित्तीय वर्ष में 70 करोड़ रुपये के उपबंध के साथ मुख्यमंत्री कैंटीन योजना प्रारम्भ किये जाने का प्रस्ताव है। 

छात्राओं को मुफ्त में तकनीकी शिक्षा

महिला सशक्तिकरण के तहत राज्य की छात्राओं को मुफ्त में राज्य में तकनीकी शिक्षा की प्राप्ति सुनिश्चित कराने के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव है। 

जिला स्कूलों का आधुनिकीकरण

प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक विद्यालय को उत्कृष्ट कोटि की आधारभूत संरचना, लैब, पुस्तकालय, डिजिटल वर्गकक्ष, पर्याप्त कम्प्यूटर तथा गुणवत्तापूर्ण विषयवार शिक्षकों को उपलब्ध कराकर गुणवत्त शिक्षा को बढ़ावा देने पर राज्य सरकार विचार कर रही है, इस कार्य हेतु 240 करोड़ रुपये के बजट उपबंध का प्रस्ताव है।

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