रांची और जमशेदपुर में सितंबर से घर-घर पाइपलाइन से गैस सेवा होगी शुरू


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को कहा कि रांची और जमशेदपुर में सिटी गैस वितरण की शुरुआत सितंबर तक शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार के द्वारा जो भी सहयोग होगा, वह कंपनियों को मिलेगा। गैस वितरण शुरू होने से लोगों को स्वच्छ और सस्ता इंधन मिलेगा। साथ ही रांची-जमशेदपुर समेत अन्य शहरों में सीएनजी के स्टेशन बनाने के लिए भी सरकार हरसंभव मदद कर रही है। जल्द से जल्द सीएनजी स्टेशन भी शुरू करें। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ये बातें केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस व इस्पात मंत्रालय के साथ हुई बैठक में अधिकारियों से कहीं।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के हर गांव में उज्ज्वला दीदी बनायी जा रही हैं। इन्हें मंत्रालय द्वारा रिफिलिंग और सेफ्टी का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाए। सरकार उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा और पहली रिफिल फ्री दी जा रही थी। अब 23 अगस्त से राज्य सरकार की ओर से दूसरी रिफिल भी फ्री दी जाएगी।

    केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस व इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास से मंत्रालय से जुड़ी कंपनियों ने काफी अच्छा काम किया है। उनका मंत्रालय राज्य सरकार के साथ हर कदम पर साथ है। उन्होंने कहा कि सितंबर के पहले सप्ताह में सिटी गैस वितरण की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही रांची व जमशेदपुर में गैस आधारित श्मशान घाट का भी शिलान्यास किया जाएगा। यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही पैसे और समय बचाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उनके मंत्रालय से जुड़ी कंपनियों ने लगभग 10000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। आने वाले समय में इन सबका असर भी दिखेगा। ओएनजीसी राज्य में कोल बेडेड मिथेन गैस पर तेजी से काम कर रही है। अगले तीन-चार साल में इनके पूर्ण रूप से शुरू हो जाने से न केवल लोगों को सस्ती गैस मिलेगी, बल्कि झारखण्ड को भी काफी राजस्व मिलेगा। झारखण्ड को बायो एनर्जी हब बनाया जाएगा। यहां कोल बेडेड मिथेन, एथनॉल, नेचुरल गैस, सोलर एनर्जी, बायो एनर्जी के क्षेत्र में काफी काम किया जा सकता है। मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है। यहां के वनोपज से जेट फ्यूल भी तैयार किया जाएगा। इससे यहां के लोगों को आमदनी का नया स्रोत मिलेगा।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि बोकारो स्टील प्लांट अस्तपाल समेत अन्य पीएसयू कंपनियों के अस्पतालों को आयुष्मान भारत के साथ जल्द जोड़ा जाएगा। बोकारो स्टील प्लांट के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्थानीय उत्पादों से गुणवत्ता में बिना समझौता किए कम से कम 25 प्रतिशत खरीदारी करें। इससे स्थानीय छोटे व लघु उद्यम को सहारा मिलेगा। बैठक में राज्य सरकार और एनएमडीसी का संयुक्त उपक्रम बनाकर उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसमें निर्मित उत्पादों में राज्य के लघु, छोटे व मध्यम उद्यमों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बैठक में राज्य के मुख्य सचिव डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल समेत केंद्र व राज्य सरकार के विभागों के अधिकारी, ओएनजीसी, आइओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, गेल, सेल, बीएसएल, इंडेन समेत अन्य कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।