मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ, 35 लाख किसानों के खाते में जाएंगे 3 हजार करोड़


    उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु ने शनिवार को रांची स्थि‍त हरमू मैदान से मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ किया। झारखण्ड के 13 लाख 60 हजार 380 किसानों के खाते में 442 करोड़ रुपए की राशि‍ डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। इस मौके पर उप-राष्ट्रपति ने कहा कि खेती को लाभदायक बनाना केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य होना चाहिए। जब तक गांव का विकास नहीं होगा, तब तक सम्पूर्ण विकास की कल्पना व्यर्थ है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के 35 लाख किसानों को दिसंबर तक केंद्र सरकार 2 हजार करोड़ और राज्य सरकार 3 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता देगी।

    उप-राष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत आगे बढ़ रहा है। झारखण्ड जैसे कृषि प्रधान राज्य में किसानों की आर्थिक समृद्धि और खेती को लाभदायक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ करते हुए मुझे खुशी हो रही है। खुशी इस बात की भी है कि यहां के किसान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वैसे भी केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभदायक बनाना होना चाहिए। अन्नदाता की आय को दोगुनी करने का प्रयास सरकार का होना चाहिए और यह हो भी रहा है। इसके लिए गंभीर प्रयास हो रहे हैं। यह ऐतिहासिक योजना किसानों के लिए अवश्य लाभकारी साबित होगा।

    उप-राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि का क्षेत्र प्रकृति पर आधारित है, लेकिन किसानों को एक मजबूत आधार प्रदान करने के लिए फसल बीमा योजना, सिंगल विंडो सिस्टम के साथ-साथ किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित हैं। वनवासियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कार्य हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सम्मलित प्रयास से किसानों का कल्याण सुनिश्चित हो रहा है।

    जल संचयन है जरूरी

    उप-राष्ट्रपति ने कहा कि पूरे देश में जल संचयन के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि भूगर्भीय जल सुरक्षित हो। झारखण्ड में भी उस दिशा में कार्य हो रहे हैं। जल संचयन, डीप बोरिंग, परकोलेशन टैंक का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार सरकार द्वारा किया जा रहा है। जल संचयन किसानों के लिए लाभदायक साबित होगा। कृषि के क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन होना बेहद जरूरी है।

    दिसंबर तक 35 लाख किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आज खुशी का दिन है। झारखण्ड के मेरुदंड किसान भाई-बहनों को नमन करता हूं। 13 लाख 60 हजार 380 किसानों के खाते में आज प्रथम किस्त के तहत 442 करोड़ रुपए भेज दिए गए हैं। किसान भाई के लिए उक्त राशि कृषि कार्य हेतु जरूरी संसाधन जुटाने में सहायक होगा। यह सब किसानों के सशक्तीकरण के लिए किया जा रहा है, क्योंकि राज्य के 76% लोग ग्रामीण क्षेत्र में निवास करते हैं। कुल भूमि का 68 प्रतिशत कृषि एवं संबंधित कार्य पर आधारित है।  करीब 83 प्रतिशत खेत 5 एकड़ से कम आकार के हैं, जो कुल भूमि का 37 प्रतिशत है। राज्य के किसान आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कर्ज के जाल में घिर जाते हैं। यही वजह है कि केंद्र व राज्य सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प को मूर्तरूप देने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना लागू की गई, जिसका आज शुभारंभ किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2019 तक राज्य के 35 लाख किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के तहत 2 हजार करोड़ एवं राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 3 हजार करोड़ यानी, 5 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

    फसल बीमा के लिए 70 करोड़ का प्रावधान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को विपरीत परिस्थितियों में हुई फसल की क्षति की भरपाई करने हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी चलाई जा रही है। किसानों को यह जानकर खुशी होगी कि वर्ष 2018 से इस योजना में प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। किसानों को इसके लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है। वर्ष 2018 में खरीफ मौसम में फसल के बीमा करने हेतु सरकार द्वारा लगभग 64.00 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों के प्रीमियम मद में किया गया और 2019 में 70 करोड़ रुपए का प्रावधान बीमा के लिए किया गया है। किसानों के ऋण भार को कम करने के लिए सरकार द्वारा ब्याज अनुदान योजना चलाई जा रही है। इस योजना में कृषकों को कृषि कार्य हेतु दिए गए अल्पकालीन कृषि ऋण पर कृषि ऋण के भुगतान में अतिरिक्त 3 प्रतिशत का सूद माफ किया जाता है। इस योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा 2019 में 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

    50 हजार मोबाइल फोन वितरण करने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि संबंधित नई तकनीक मौसम पूर्वानुमान एवं प्राकृतिक आपदाओं तथा बाजार व्यवस्था की अद्यतन जानकारी के लि मोबाइल फोन वितरण की योजना शुरू की गई है। वर्ष 2018 में लगभग 7000 मोबाइल फोन का वितरण किया गया एवं 2019 में 50,000 मोबाइल फोन वितरण करने का लक्ष्य है। इस योजना में किसानों को मोबाइल फोन हेतु 2000 रुपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही राज्यभर में 207 कृषि सिंगल विंडो सिस्टम की स्थापना की गई है। राज्य में अब तक 17 लाख से ज्यादा किसानों को स्वॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए हैं। छोटे और सीमांत किसानों को 45 हजार से ज्यादा पंपसेट वितरित किए गए हैं। कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जाता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान 8 हजार 500 करोड़ रुपए का उत्पादित फसलों का निर्यात कर रहे हैं। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि -4 प्रतिशत का कृषि विकास दर आज साढ़े 4 वर्ष बाद 14 प्रतिशत हो गया। अब राज्य किसान अन्न भंडार तो भरेंगे ही, राज्य का खजाना भी भरेंगे। हम सबको मिलकर सोचना होगा कि हमारी कृषि व्यवस्था में मूल्यवृद्धि और वैल्यू एडिसन कैसे हो।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रधानमंत्री का सपना साकार करना लक्ष्य

    इस अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के एक से पांच एकड़ तक की भूमि वाले 35 लाख किसानों को सरकार द्वारा न्यूनतम पांच हजार और अधिकतम 25 हजार रुपए और साथ ही साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इस तरह से दोनों योजनाओं से झारखण्ड के किसानों को हर साल कम से कम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपए का लाभ मिल सकेगा।

    कृषि मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रथम किस्त की राशि राज्य के 8.06 लाख किसानों को डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है़। उन्होंने कहा कि आज का दिन झारखण्ड के सभी किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ देश के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु के कर कमलों से हुआ है। इस योजना के तहत आज प्रथम किस्त की राशि राज्य के 13 लाख 60 हजार 380 किसानों को उपलब्ध कराई गई है। शेष बचे किसानों को प्रथम किस्त की राशि जैसे-जैसे किसानों का डाटा बेस एंट्री और अपडेशन का कार्य पूरा होता जाएगा, हर हफ्ते भेजी जाएगी। दूसरी किस्त की राशि सितंबर माह के अंत तक या अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य विभाग द्वारा रखा गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि जहां वर्ष 2013-14 में राज्य की कृषि फसल दर -4.5 प्रतिशत थी। पिछले साढ़े 4 साल में राज्य की कृषि दर बढ़कर +14.2 प्रतिशत हो गई है।  

    कृषि सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए संजीवनी साबित होगी। इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाली निर्धारित राशि का लाभ उनके बैंक अकाउंट में सीधे डीबीटी के माध्यम से दिए जाने वाली पहली योजना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी जिलों में उपायुक्तों की टीम 24 घंटे डाटा एंट्री और अपडेशन करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज सभी जिलों में कार्यक्रम किया जा रहा है। इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है। आज से कृषि आशीर्वाद योजना के पोर्टल पर किसान अपना अकाउंट नंबर पब्लिक डोमेन में डालेंगे तो उन्हें यह पता चल पाएगा कि उनको कितनी राशि स्वीकृत की गई है।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री रणधीर सिंह, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, रांची सांसद संजय सेठ, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, खिजरी विधायक रामकुमार पाहन, मंडार विधायक गंगोत्री कुजूर, मेयर आशा लकड़ा, मुख्य सचिव डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, कृषि सचिव पूजा सिंघल, निदेशक छवि रंजन व हजारों की संख्या में किसान उपस्थित थे।