झारखण्ड में बढ़ी विदेशी निवेशकों की संख्या


    उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार ने गुरुवार को सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल हब बनने की राह पर झारखण्ड के कदम बढ़ चुके हैं। राज्य में औद्योगिक विकास का माहौल तैयार करने के लिए पिछले साढ़े चार सालों में सरकार द्वारा किए गए अथक प्रयासों का नतीजा है कि आज देश-विदेश के निवेशक यहां उद्योग लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में यहां 3217 औद्योगिक इकाईयां हैं, जबकि 2015 में इसकी संख्या 2500 थी। इसके साथ उद्योग आधार पोर्टल पर 8997 लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाईय़ां निबंधित हैं। के रवि कुमार ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का नतीजा है कि भारत सरकार औऱ विश्व बैंक द्वारा बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (2017)  के अंतर्गत जारी किए जाने वाली रैंकिंग में झारखण्ड पहले स्थान पर है, जबकि 2014 में योजना आयोग की रैंकिंग में झारखण्ड 24वें स्थान पर था।

    उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार ने कहा कि झारखण्ड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार  (जियाडा) के वजूद में आने के बाद औद्योगिक विकास को गति मिली है। इसके अंतर्गत उद्योगों के लिए भूमि और औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री स्थापित करने के लिए ऑनलाइन स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जियाडा के अंतर्गत स्वामित्व या प्रोमोटर में परिवर्तन के फलस्वरुप 115 रुग्ण और बंद इकाईयों को चालू किया जा चुका है।

    मोमेंटम झारखण्ड ने औद्योगिक विकास को दिया नया आयाम

    के रवि कुमार ने कहा कि 2017 में हुए मोमेंटम झारखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से झारखण्ड में औद्योगिक विकास को नया आयाम मिला। इसके उपरांत सात चरणों में हुए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में 504 औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इन औद्योगिक इकाईयों के लिए 50,627 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और प्रत्यक्ष तौर पर 72,682 लोगों को रोजगार मिला है।

    विकास में इस्तेमाल किया जा रहा सीएसआर फंड

    उद्योग सचिव ने कहा कि झारखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने झारखण्ड स्टेट कॉरपोरेट सोशल दायित्व काउंसिल लागू किया है। इसके अंतर्गत सीएसआऱ फंड का इस्तेमाल विकास और कल्याण के क्षेत्र में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में काउंसिल के गठन के बाद से अबतक विभिन्न कंपनियों द्वारा सीएसआऱ फंड के तहत 15 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा राशि विकास और कल्याण कार्यों में खर्च की जा चुकी हैं।

    ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के विकास पर है विशेष जोर

    ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग औऱ उद्यमियों के विकास औऱ प्रोत्साहन पर भी सरकार का विशेष जोर है।  उद्योग सचिव ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उध्यम विकास बोर्ड और झारखण्ड माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। इन बोर्डों का काम विभिन्न श्रेणियों के लघु एवं कुटीर उद्योगों में काम कर रहे लोगों को प्रशिक्षण देने के साथ सहायता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड एवं जिडको के माध्यम से लाह उद्योग के लिए रांची के बुंडू,  हनी प्रॉसेसिंग के लिए लोहरदगा के कुडू,  गोल्ड एवं सिल्वर ज्वेलरी के लिए रामगढ़ और लाह उद्योग के लिए सिमडेगा के कामडारा में क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा दुमका में स्टोन क्राफ्ट एवं एग्रीकल्चर क्लस्टर और हजारीबाग में ब्रास ब्रांज यूटेन्सिल्स क्लस्टर खोलने को स्वीकृति मिल चुकी है। इस मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक रामलखन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद थे।

    औद्योगिक विकास के लिए उठाए जा रहे ये कदम भी महत्वपूर्ण

    - टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थापना हेतु रांची के होटवार, चकला एवं दरदाग औद्योगिक क्षेत्र, कुल्ही औद्योगिक क्षेत्र, कोइलरी औद्योगिक क्षेत्र, सिल्क पार्क, ईरबा में भूमि का आवंटन

    - जमशेदपुर के आदित्यपुर में कॉमन इफिसिएंट ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है और रांची के तुपुदाना में सीईटीपी निर्माणाधीन है

    - राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 44 करोड़ से बनने वाले विश्व ट्रेड सेंटर को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है

    - रांची में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है

    - झारखण्ड इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट एंड डिजाइनिंग की स्थापना करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है

    - देवघर प्लास्टिक पार्क बनाने का कार्य इस माह प्रारंभ हो जाएगा

    - आमदा खादी पार्क शुरू हो चुका है, जबकि दुमका में दुधानी खादी पार्क निर्माणाधीन है

    - झारखण्ड एमएसएमई और स्टार्टअप वेंचर फंड की चालू वित्तीय वर्ष में शुरुआत कर दी जाएगी

    - रांची में फार्मा पार्क और धनबाद में लेदर पार्क की परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति

    - रांची के नामकुम में आईटी टावर बनाने का कार्य प्रगति पर

    - झारखण्ड फूड प्रॉसेसिंग की 73 इकाईयों पर लगभग 501 करोड़ रुपए का निवेश