BPL परिवार को रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य- रघुवर दास


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने JSLPS की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर झारखण्ड मंत्रालय में जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवार को रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है। 2009 में जिस आजीविका मिशन का बीज बोया गया था, आज 10 वर्ष बाद वह वट वृक्ष बन चुका है और हम सब उसकी 10वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। 2014 से पूर्व राज्य में मात्र 43 हजार सखी मंडल का गठन हुआ था, लेकिन यह आप सभी के अथक मेहनत से मात्र साढ़े 4 साल में 5 गुना बढ़ कर सखी मंडल की संख्या 2 लाख 3 हजार 589 हो गई। अब आप सभी को एक और लक्ष्य साधना है। राज्य के बचे हुए 300 पंचायत में भी सखी मंडल का गठन 30 सितंबर तक पूरा कर लें। सरकार अपने हिस्से का 40 प्रतिशत अंशदान सखी मंडल के गठन के साथ उपलब्ध करा देगी। शेष 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा तीन माह के अंदर उपलब्ध करा दिया जाएगा। JSLPS के प्रखंड स्तरीय कर्मियों के वेतन में 2 हजार की बढ़ोतरी होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी इस बात को ध्यान में रखें कि गरीब और आदिवासी महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकताओं में है। राज्य के BPL परिवार को रोजगार से आच्छादित करना सरकार का लक्ष्य है। ऐसे परिवार की पहचान कर परिवार की महिला को सखी मंडल से जोड़ें। नए बन रहे सखी मंडल में ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दें। उन्हें सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करें। राज्य की महिलाएं मेहनती हैं और उन्हें झारखण्ड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

    सखी मंडल की महिलाएं भी जाएंगी इजरायल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन में सामंजस्य नहीं होगा तो पूर्ण रूप से आर्थिक स्वावलंबन संभव नहीं है। राज्य सरकार सखी मंडल की महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध करा रही है। अब उन्हें गव्य पालन के लिए भी सुविधा प्रदान की जाएगी। BPL महिलाओं को 90 प्रतिशत के अनुदान पर पूर्व से दो गाय उपलब्ध कराया जा रहा है। गव्य पालन के लिए मिल रहे अनुदान का लाभ लोगों को लेना चाहिए, क्योंकि राज्य में हर वर्ष 400 करोड़ का दूध अन्य राज्यों से आता है। हमें दूध उत्पादन में इस दूरी को पाटना है। सखी मंडल की महिलाएं खेती के क्षेत्र में भी आगे आएं। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी इजरायल भेजा जाएगा, ताकि वे आधुनिक व उन्नत कृषि की बारीकियों से अवगत हो सकें।

    उज्ज्वला दीदी को 30 सितंबर तक नियुक्त करें

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर उज्ज्वला दीदी को 30 सितंबर तक नियुक्त करें। उज्ज्वला दीदी गांव में ऐसे जरूरतमंद परिवार को चिन्हित करेंगी, जिसे उज्ज्वला योजना का लाभ देना है। सरकार आने वाले दिनों में 14 लाख परिवार को उज्ज्वला योजना से लाभान्वित करेगी।

    ग्रामीण विकास विभाग मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि 2014 के पूर्व की स्थिति में बदलाव आया है। आज मनरेगा में झारखण्ड देश में अव्वल है। यह अपने आप में उपलब्धि है कि सखी मंडल का गठन कर सरकार ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया है। विभाग सीधे गांव और ग्रामीण तक पहुंचकर उन्हें लाभान्वित करने का कार्य कर रही है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उनके लिए लिफ्ट इरीगेशन की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री व अन्य अथितियों को गढ़वा स्थित परकरी प्रखंड की सखी मंडल द्वारा अंग वस्त्र उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी पंचायतों में संवाददाता दीदी बनाने का आह्वान किया। प्रत्येक सखी मंडल की दीदियों को सरकार के प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों की जानकारी अथवा समाचार व्हाट्सएप के जरिए संप्रेषित की जाएगी। अब सोशल मीडिया, ईमेल, वाट्सएप इत्यादि द्वारा रियल टाइम प्रचार-प्रसार का कार्य आसान हुआ है। इनका उपयोग कर जनता और शासन के बीच की दूरियां पूरी तरह दूर की जा सकती हैं। सखी मंडलों के बेहतर उपयोग से गांव को समृद्ध किया जा सकेगा।

    ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि सखी मंडल की दीदीयां जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य कर रही हैं। सखी मंडल के स्वरूप को बनाए रखें। इसमें किसी प्रकार से टूट न हो। आय उत्पादक गतिविधियों में विभिन्न उत्पाद का क्षेत्रवार मूल्यांकन करें। सखी मंडल के गठन में गरीब महिलाओं को अवश्य जोड़ें। कई ऐसी महिलाएं हैं जो सखी मंडल का हिस्सा नहीं हैं और बीपीएल परिवार से हैं, उन्हें जोड़कर सामाजिक विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

    इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि अब कृषि विभाग की कुछ योजनाओं का संचालन सखी मंडल के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें SOIL हेल्थ कार्ड, पशुपालन से संबंधित योजना, दुग्ध उत्पादन एवं हॉर्टिकल्चर शामिल हैं। कृषि सचिव ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में दो मिट्टी के डॉक्टर बनाए जाएंगे। मिट्टी के डॉक्टर सखी मंडल की महिलाएं ही बनेंगी।  मिट्टी के डॉक्टर बनी दीदीयां सरकार द्वारा निर्गत SOIL हेल्थ कार्ड की पूरी जानकारी, उपयोग एवं फायदे को किसानों के साथ-साथ जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। कृषि सचिव ने कहा कि पशुपालन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आदिवासी महिलाओं को जोड़ना सरकार का लक्ष्य है। राज्य सरकार 50% अनुदान देकर छोटी-छोटी मिनी डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए सखी मंडल की महिलाओं को प्रेरित कर रही है। हॉर्टिकल्चर में भी पपीते, एलोवेरा, फूल, सोयाबीन इत्यादि की खेती से जोड़कर सखी मंडल की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुपालन के लिए सखी मंडल की महिलाओं को बकरा पालन के लिए शत-प्रतिशत अनुदान, कुक्कुट एवं बत्तख पालन के लिए 90% अनुदान तथा सूकर पालन के लिए 50% अनुदान राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।

    खाद्य आपूर्ति सचिव अमिताभ कौशल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित डाकिया योजना के सफल संचालन में सखी मंडल की भूमिका अहम होगी। वैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र जहां पर परिवारों की संख्या कम है, वहां भी डाकिया योजना के अंतर्गत राशन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा टेक होम राशन के तहत 6 महीने से 3 वर्ष के बच्चों तक आंगनवाड़ी के माध्यम से चावल, दाल, गुड़, मूंगफली इत्यादि का वितरण सुनिश्चित करने में सखी मंडल अपनी सक्रियता रखेंगी। अब अंडा खरीद के लिए टेंडर वाली प्रक्रिया समाप्त होगी। राज्य सरकार सखी मंडल द्वारा पोल्ट्री फॉर्म के जरिए उत्पादित अंडा क्रय करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत वंचित 14 लाख परिवारों को 30 सितंबर तक एलपीजी गैस सिलेंडर कनेक्शन उपलब्ध कराना लक्ष्य है। इस योजना का लाभ अंतिम लाभुक तक पहुंच सके, इसके लिए राज्य के प्रत्येक पंचायत में उज्ज्वला दीदी नियुक्त की जा रही हैं।  उज्ज्वला दीदी ग्रामीणों को एलपीजी के सेफ्टी उपयोग की भी जानकारी देंगी। इस अवसर पर स्वागत भाषण जेएसएलपीएस के सीईओ राजीव रंजन ने दिया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री दुमका जिले की डीपीएम आशियानी मर्की, लातेहार डीपीएम सचिन साहू, गिरिडीह डीपीएम संजय गुप्ता एवं डीपीएम रांची शांति मार्डी ने अपने-अपने जिले में किए जा रहे नए इनोवेटिव कार्यों की जानकारी दी तथा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किया। इस अवसर पर मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग नीलकंठ सिंह मुंडा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग अविनाश कुमार, सचिव, खाद्य अमिताभ कौशल, सचिव कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग पूजा सिंघल, JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।

    खास बातें

    - जोहार योजना के तहत 23 हजार 513 उत्पादक समूह के जरिए 1 लाख से ज्यादा परिवार की आय दोगुनी करने पर काम हो रहा है।

    - 2014 के बाद करीब 1 लाख 88 हजार सखी मंडल का गठन कर 25 लाख 59 हजार 303 परिवार को लाभान्वित किया गया।

    - 2014 तक 657 ग्राम संगठन थे, 2014 के बाद साढ़े 4 वर्ष में 12, 463 ग्राम संगठन बनाए गए।

    - 2014 तक 8,800 सखी मंडलों को चक्रीय निधि 15 हजार प्रति समूह राशि मिल रहा था, अब साढ़े 4 वर्ष में 76 हजार 839 समूहों को उक्त राशि मिल रही है।