महिलाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य: मुख्यमंत्री


    जमशेदपुर में खादी ग्राम उद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित सिलाई, कढ़ाई, प्रशिक्षण एवं मशीन वितरण कार्यक्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं और बच्चों में अपार क्षमता है। यहां की महिलाएं और बच्चियां अपनी शक्ति को पहचानें। आप को ही हमें राज्य की शक्ति बनाना है, क्योंकि जब आप स्वावलंबी होंगे तो झारखंड समृद्ध और स्वावलंबी होगा। राज्य की अर्थव्यवस्था व्यवस्था को भी आप से ही मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री जी की भी यही सोच है कि अगर किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाना है तो नारी शक्ति को आगे बढ़ाना होगा। इस मूलमंत्र को आत्मसात कर राज्य सरकार दक्षता प्राप्त मानव संसाधन तैयार करने में जुटी है। खादी ग्राम उद्योग बोर्ड, कल्याण विभाग, दीनदयाल कौशल योजना, स्किल इंडिया और ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और बच्चियों को हुनरमंद बनाया जा रहा है, ताकि झारखण्ड का यह मानव संसाधन आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड से लोग काम की तलाश में पलायन करते हैं, इसमें बच्चियां भी शामिल रहती हैं। जहां काम के दौरान उनका शारीरिक और मानसिक शोषण भी होता है। सरकार का लक्ष्य पलायन को रोकना है। इस निमित्त राज्य की बच्चियों को खासकर आदिवासी और दलित समाज की बच्चियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से आच्छादित किया जा रहा है। शुक्रवार को रांची में 16 करोड़ की लागत से कौशल कॉलेज का उद्घाटन हुआ, जहां 350 बच्चियां विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण ले स्वावलंबन की ओर अग्रसर होंगी। इनमें 80% बच्चियां आदिवासी और दलित समाज से आती हैं। कपड़ा उद्योग में कई प्रशिक्षण प्राप्त बच्चियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे करीब 40 लाख बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म का निर्माण भी अब प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं के जरिए कराया जाएगा, ताकि नारी शक्ति के लिए अतिरिक्त आमदनी की व्यवस्था हो सके। आज वितरित की जा रही सिलाई मशीन का उपयोग आप इस दिशा में कर सकेंगी। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अपना व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए मुद्रा योजना के तहत बैंक से लोन ले सकती हैं। इस कार्य में सरकार आपकी मदद को तत्पर है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि हुनर की मांग पूरी दुनिया में है। इस निमित्त राज्य की युवा पीढ़ी को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वावलंबी बनाना भी सरकार का लक्ष्य है। गरीब होने की सोच को बदलना होगा। सुखी संपन्न होने के लिए आपको डिग्री के साथ साथ हुनरमंद होना भी जरूरी है। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में आप खुद अपने पैरों पर खड़ा हो आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त कर सकें। इस अवसर पर खादी ग्राम बोर्ड बोर्ड के सलाहकार जोगेश मल्होत्रा, खादी ग्राम बोर्ड के सदस्य कुलवंत सिंह बंटी, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह राणा, संजीव सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा और अन्य उपस्थित रहे।