असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत कराएं रजिस्ट्रेशन : मुख्यमंत्री


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के सभी उद्यमियों से अपील की है कि सभी लोग असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीयन प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत कराएं। ताकि राज्य के गरीब मजदूरों को बुढ़ापे में बेसहारा ना होना पड़े। झारखण्ड प्रदेश ब्रिक्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के साथ झारखण्ड मंत्रालय में हो रही एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ये आह्वान किया। बैठक के दौरान उन्होंने ये भी निर्देश दिया कि सभी ईंट भट्ठा संचालक 2020 तक अपना पंजीयन करा लें। मुख्यमंत्री ने फिलहाल राज्य के ईंट भट्ठा संचालकों को जून 2020 सीटीओ प्रदान करने की घोषणा की है। लेकिन इसके लिए ईट भट्टा संचालकों को एफिडेविट देना होगा कि वह तय समय में लाइसेंस के लिए आवेदन देकर लाइसेंस प्राप्त करेंगे। साथ ही, दस हजार रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी पड़ेगी। 

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के सभी उद्यमियों से अपील की है कि सभी लोग अपने यहां असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीयन प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत कराएं। इसमें मामूली राशि जमा कर सभी मजदूर पेंशन के हकदार हो जाएंगे। 5 मार्च से शुरू होने वाली योजना के लिए राज्य में 3 दिन का कैंप लगाया जाएगा, जिसमें ज्यादा से ज्यादा मजदूरों का पंजीयन कराने के लिए सभी लोग जागरूकता फैलाएं। पंजीयन के लिए केवल प्रज्ञा केंद्र में आधार के प्रति और 15,000 रुपये से कम की आय का स्वसत्यापित एफिडेविट देना है। राज्य सरकार की भट्ठा मजदूरों को तकनीकी प्रशिक्षण भी देगी ताकि उनका कौशल विकास हो। इससे उत्पाद की गुणवत्ता के साथ साथ उनको मिलने वाली मजदूरी में भी इजाफा हो सकेगा। राज्य में लगभग 2400 ईट भट्टा हैं। इनमें से अधिकांश बिना लाइसेंस के कार्यरत हैं। इन ईंट भट्टों  को नियमित करने के उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ए.के. रस्तोगी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी, सदस्य राजीव शर्मा, रंजीत टिबड़ेवाल, चेंबर अध्यक्ष दीपक मारू, झारखंड प्रदेश ब्रिक्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनंतनाथ सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।