10 दिनों के अंदर पंचायत स्वयं सेवकों की बकाया प्रोत्साहन राशि का करें भुगतान: मुख्यमंत्री


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सूचना भवन के जनसंवाद केंद्र में गुरुवार को ‘सीधी बात’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के सचिवों, अधिकारियों और जिलों के उपायुक्तों एवं आरक्षी अधीक्षकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  डॉ. सुनील वर्णवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज हुई 3,32,211 शिकायत और इनमें 2.91 लाख शिकायत कार्रवाई के योग्य पाई गई, जिनमें में से 2.61 लाख (90.14%) शिकायतों का हुआ समाधान किया जा चुका है।

    इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के ग्राम पंचायतों में कार्यरत स्वयंसेवकों की बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान और परिचय पत्र निर्गत करने का काम 10 दिनों के अंदर दिया जाए। उन्होंने सभी उपायुक्तों को खुद इसकी मॉनटरिंग करने और इसके साथ ही पंचायत स्वयंसेवकों के माध्यम से जाति एवं आय प्रमाण पत्र के लिए जमा कराये गये आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित कराने को कहा है।

    पंचायत स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्होंने प्रत्येक गांव-पंचायत में जन-जन तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और विकास के काम को धरातल पर उतारने में मदद की है। इसके एवज में उन्हें देय प्रोत्साहन राशि हर हाल में समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने सभी पंचायत सचिवालयों में स्वयंसेवकों के लिए अलग से कमरा आवंटित करने का भी निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों की पेंशन के लिए शुरू हो रही प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपायुक्तों को आगामी 5 से 7 मार्च तक सभी प्रखंडों में कैंप लगाकर श्रमिकों का पंजीयन करवाने का निर्देश दिया। इस योजना में पंजीयन कराने वाले असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक कामगार को 60 साल की आयु पूर्ण होने के बाद हर महीने 3 हजार रुपए पेंशन का भुगतान किया जाना है। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य में पिछड़ा जाति के सर्वेक्षण के लिए चलाया जा रहा अभियान एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाये।

    सीधी बात के दौरान मुख्यमंत्री ने जनशिकायतें दर्ज कराने वाले कुल 16 लोगों की फरियाद सुनी। ज्यादातर मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। रामगढ़ जिले के कुजू निवासी वीरेंद्र महतो ने शिकायत की कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान कुजू ओपी के प्रभारी ने उनकी खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज होने की गलत रिपोर्ट दे दी। इस वजह से उनका पासपोर्ट जारी नहीं हो पाया। सीधी बात के दौरान रामगढ़ के एसपी ने स्वीकार किया कि कुजू ओपी प्रभारी ने गलत रिपोर्ट दे दी थी। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही का मामला बताते हुए गलत रिपोर्ट देने वाले पुलिस ऑफिसर को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश दिया।

    खूंटी निवासी मंजू देवी की शिकायत थी कि उनके पुत्र की हत्या 28 मार्च 2018 को खूंटी थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर गोली मारकर कर दी गयी थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इस बाबत पूछे जाने पर खूंटी के पुलिस अधीक्षक ने कहा दो दिन पहले गिरफ्तार किये गये पीएलएफआई के दो उग्रवादियों ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी। इसपर मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि अगर यह उग्रवादी हत्या का मामला साबित होता है तो मारे गये युवक के छोटे भाई को सरकारी नियमानुसार नौकरी एवं प्रभावित परिवार को मुआवजा दें।

    रांची के बेड़ो प्रखंड की बंधनी देवी ने बेड़ो थाने में चौकीदार के रूप में कार्यरत रहे अपने पति जलसू उरांव की मृत्यु के बाद मिलने वाली पेंशन पांच साल से रोक दिये जाने की शिकायत की थी। इस पर रांची के उपायुक्त ने बताया कि मृत कर्मी की सेवा पुस्तिका का सत्यापन न हो पाने की वजह से पेंशन रुक गयी थी। एक हफ्ते के अंदर यह प्रक्रिया पूरी कर उनकी पत्नी को पेंशन शुरू कर दी जायेगी।

    दुमका की शांति मुर्मू ने रिंग रोड के निर्माण के लिए वर्ष 2013-14 में अधिग्रहित की गयी उनकी जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिलने की शिकायत की थी। इसपर राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के.के. सोन ने आश्वस्त किया कि इस मामले में कुछ तकनीकी दिक्कतें थीं, उन्हें दूर कर एक महीने के अंदर मुआवजे के रूप में 10 लाख 86 हजार की राशि रैयत को प्रदान कर दी जायेगी।

    रांची के सौरभ कुमार ने कृषि उत्पादन बाजार समिति में कार्यरत रहे अपने पिता शंभु प्रसाद साहा के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की अनुशंसा के बावजूद नौकरी न दिये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इसपर मुख्यमंत्री ने 10 दिनों के अंदर सौरभ कुमार को कृषि विभाग में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त करने का आदेश दिया।

    सरायकेला-खरसावां के सत्यकिंकर वर्मा ने शिकायत दर्ज करायी थी कि आसंगी गांव स्थित उनकी तीन एकड़ जमीन आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार द्वारा अधिग्रहित नहीं है, लेकिन अंचल कार्यालय के पंजी-2 में गलत तरीके से इसे अधिग्रहित जमीन के रूप में अंकित कर दिया गया है। इससे उनकी जमीन का लगान रसीद नहीं निर्गत हो पा रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि एक हफ्ते के अंदर पंजी-2 में सुधार कर जमीन की रसीद निर्गत कर दी जायेगी।

    गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत भागीडेरा गांव के साधुशरण साहु ने सुखाड़ की वजह से 100 से ज्यादा किसानों की फसल नष्ट हो जाने के बावजूद मुआवजा न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को आदेश दिया कि सभी प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी के जरिए क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाया जाये।

    धनबाद के टुंडी प्रखंड निवासी नीलमोहन मिश्रा ने दुबराजपुर गांव में 2013 में साढ़े चार करोड़ की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अब तक चालू न किये जाने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव और धनबाद के उपायुक्त को आदेश दिया कि यहां तत्काल चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति कर अस्पताल को चालू करायें।

    पाकुड़ जिले के राजू मंडल ने मुख्यमंत्री लाडली योजना के आवेदन को आंगनबाड़ी सेविका द्वारा लटकाकर रखे जाने की शिकायत की। इसपर मुख्यमंत्री ने पाकुड़ के उपायुक्त को आदेश दिया कि राजू मंडल को मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत 24 घंटे के अंदर लाभ प्रदान करें। कोडरमा जिले के चाराडीह गांव निवासी रवि शंकर ने शिकायत की कि वर्ष 1951 में दर्जनों विस्थापित परिवरों को सरकार द्वारा अधिग्रहित जमीन पर बसाया गया था, लेकिन उन्हें अब तक भू-खंड का रैयती पट्टा नहीं दिया गया है। इसपर मुख्यमंत्री ने कोडरमा के उपायुक्त को गांव में कैंप लगाकर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

    कदमा जमशेदपुर की रेणुका महिधर एवं अऩ्य 6 शिक्षकों के वेतन भुगतान मामले पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव श्री अमरेन्द्र प्रताप ने बताया कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षक की नियुक्ति विद्यालय प्रबन्धन समिति द्वारा होती है। इन विद्यालयों में राज्य सरकार के स्वीकृत एवं चिन्हित पद के वेतन की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाती है, साथ ही इन पदों पर वर्तमान सरकार के नियम के अनुसार प्राईमरी शिक्षक के लिये इंटर पास एवं शिक्षक प्रशिक्षण (डीएलएड) तथा टेट पास होना अनिवार्य है। अल्पसंख्यक, अर्धसरकारी विद्यालयों के विद्यालय प्रबन्धन समिति द्वारा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अहर्ता के अनुरूप ही शिक्षक रखने पर ही वेतन मद का अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।

    मुख्यमंत्री धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड की रूपन पंचायत के ग्रामीणों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रू-ब-रू हुए। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी बहुल गांवों के विकास के लिए सरकार ने अपना गांव-अपना काम योजना शुरू की है। इसके तहत पांच लाख तक के विकास के कार्य गांव में आदिवासी विकास समिति बनाकर कराये जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आदिवासी बहुल जिलों में सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को मातृभाषा की शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों को पढ़ाने के लिए गांव के ही पढ़े-लिखे युवाओं को रखा जायेगा और उन्हें प्रति घंटी के हिसाब से डेढ़ सौ रुपये का भुगतान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।