रोड सेफ्टी को प्राथमिकता दें, 15 साल बाद की जरुरतों के मुताबिक करें प्लानिंग


    झारखण्‍ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार अपने वित्तीय और संगठनात्मक ढांचा को स्पष्ट बनाए। अन्य राज्यों के ऐसे प्राधिकार के नियमों और प्रावधानों का अध्ययन के लिए तत्काल अधिकारी भेजे जाएं। फरवरी के अंत में शासी परिषद की फिर से बैठक करें, जिसमें विस्तृत रूप से इसे रखें। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को झारखण्‍ड मंत्रालय में आयोजित झारखण्‍ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के गवर्निंग काउंसिल की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्‍ड की अगले 15 साल की आवश्यकताओं को देखते हुए मल्टी लेनिंग सड़कों के निर्माण की योजना बनाएं। यह भी ध्यान रखें कि सड़क निर्माण में किस प्रकार से राशि की व्यवस्था होगी। वाहनों के दबाव को आधार मानते हुए सड़कों को वर्गीकृत करें। वाहनों के अधिक दबाव वाले सड़क आसानी से पीपीपी मोड पर लिए जा सकते हैं तथा अन्य सड़कों के लिए, सड़कों के निर्माण के लिए बजट के हर विकल्प पर भी विचार किया जाए। 

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा की रोड सेफ्टी को भी पूरी प्राथमिकता दी जाए। सड़कों के किनारे बड़े और स्प्ष्ट माइलस्टोंस लगाया जाए। माइलस्टोंस में अगले पड़ाव तथा लंबी दूरी के स्थानों के दूरी की भी जानकारी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। मल्टी लेनिंग सड़क होने के कारण इस प्रकार से दूरी का विवरण हो कि वह रात में भी आसानी से पढ़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइवे पेट्रोलिंग के साथ-साथ ब्लैक स्पॉट तथा अन्य चिन्हित स्थलों पर नियमित दूरी पर एंबुलेंस भी रहने चाहिए और इसकी मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए कि वह सुचारू रूप से वहां तैनात हैं। सड़क डिस्प्ले भी है, इस बात का भी ध्यान रखें कि‍ एंबुलेंस और ट्रॉमा सेंटर, अगला पेट्रोल पंप की दूरी, जन सुविधाएं कितनी दूर पर है, आदि जानकारी सड़कों के किनारे स्पष्ट रूप से व्यक्त होने चाहिए।

    बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव सह प्राधिकार के सीईओ श्री केके सोन तथा परिवहन सचिव प्रवीण टोप्पो सहित गवर्निंग काउंसिल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।