झारखण्ड को प्रथम महिला विश्वविद्यालय की सौगात


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी से झारखंड के प्रथम महिला विश्वविद्यालय, ‘जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी’ का ऑनलाइन शिलान्यास किया। राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास, झारखंड के प्रथम महिला विश्वविद्यालय के ऑनलाइन शिलान्यास के इस ऐतिहासिक अवसर पर जमशेदपुर विमेंस कॉलेज के इनडोर स्टेडियम में उपस्थित थे। इस मौके पर रघुवर दास ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बीतने के बाद झारखंड में पहली बार महिला विश्वविद्यालय का शिलान्यास हो रहा है। आज का दिन विशेष रूप से राज्य की आधी आबादी लिए ऐतिहासिक दिन है। यह विश्वविद्यालय जमशेदपुर के हृदय स्थल सिदगोड़ा में सूर्य मंदिर के बगल में लगभग 18 एकड़ जमीन पर बनेगा। जिसके लिए राज्य सरकार 56 करोड़ और केंद्र सरकार 33 करोड़ रुपए देगी। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री को बहुत-बहुत आभार।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और राज्य की बच्चियां हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं। बच्चियों के अंदर जो प्रतिभा है इस प्रतिभा को शिक्षा के माध्यम से और खेल के क्षेत्र में निखारने के लिए सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने वहां उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चियां मन लगाकर पढ़े और जिस क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना चाहती हैं उस क्षेत्र में आगे बढ़ें। आज हम वैश्विक युग में जी रहे हैं। आज दुनिया या समाज में अगर भारत को आगे ले जाना है तो जिसके पास ज्ञान का भंडार होगा  और बुद्धि का विस्तार होगा वही राज्य और देश आगे बढ़ेगा और उसी को ध्यान में रखकर महिला शिक्षा पर राज्य और केंद्र सरकार द्वारा विशेष जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अनुरूप राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी को मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत झारखंड में की गई है। यह योजना बालिका ड्रॉपआउट दर को कम करने और मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। 

    4 वर्ष में 5 नए सरकारी विश्वविद्यालयों की शुरुआत

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा की उच्च शिक्षा में नामांकन अनुपात वर्ष 2010-11 में 10.1% था जबकि वह वर्ष 2017-18 में 18% हो गया है। वर्ष 2004 तक राज्य में 5 सरकारी विश्वविद्यालय थे, हमारी सरकार द्वारा अब तक 4 नए सरकारी विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई जिसमें विनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय, रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय तथा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय खोले जा चुके हैं। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने के बाद राज्य में सरकारी विश्वविद्यालयों की कुल संख्या 10 हो जाएगी जिसमें से पांच विश्वविद्यालय में विगत 4 वर्षों में अस्तित्व में आने की शुरुआत हुई। निजी विश्वविद्यालयों की संख्या जो पहले 4 थी गत 4 वर्षों में बढ़कर 15 हो गई है।

    आधी आबादी की शिक्षा पर विशेष ध्यान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए इस महिला विश्वविद्यालय के अलावा 11 जिलों में महिला महाविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही रामगढ़ में एक महिला इंजीनियरिंग कॉलेज का भी निर्माण कराया जा रहा है।

    उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जिलों में मॉडल डिग्री कॉलेज तथा 31 डिग्री कॉलेज भी स्वीकृत किए गए हैं। 30 नए कॉलेजों हेतु 871 पद स्वीकृत किए गए हैं 1108 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी  है। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देते हुए इस वर्ष 4 नए पॉलिटेक्निक में पठन-पाठन प्रारंभ किया गया है। जमशेदपुर में प्रोफेशनल कॉलेज का कार्य लगभग पूर्ण है। रामगढ़, कोडरमा एवं पलामू में इंजीनियरिंग कॉलेज का कार्य प्रगति पर है। रूसा के तहत बोकारो तथा गोड्डा में दो प्रोफेशनल कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी गई है। राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में सरकार प्लेसमेंट सेल तथा एंटरप्रेन्योर एवं इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। कौशल विकास के तहत राज्य के 1,06,619 युवाओं को एक ही दिन में रोजगार प्रदान किया गया था।

    2 साल में बनकर तैयार होगा महिला विश्वविद्यालय

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महिला विश्वविद्यालय की कुल लागत ₹89 करोड़ है जिसमें से ₹56 करोड़ राज्य सरकार ₹33 करोड़ भारत सरकार देगी। उन्होंने कहा कि फरवरी माह से निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा और 2 साल के अंदर जमशेदपुर में महिला विश्वविद्यालय कार्य करने लगेगा। प्रधानमंत्री द्वारा श्रीनगर के एसकेआईसीसी में ऑनलाइन शिलान्यास होते ही इस बात की औपचारिक घोषणा हुई कि जमशेदपुर वुमेन कॉलेज जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय बन गया। पूरे झारखंड राज्य के प्रथम महिला विश्वविद्यालय की शिलान्यास पट्टिका का अनावरण प्रधानमंत्री के हाथों संपन्न हुआ। इस अवसर पर जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद विद्युत वरण महतो, एचआरडी सचिव राजेश कुमार शर्मा, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के निदेशक दिनेश प्रसाद, पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त अमित कुमार, जिले के वरीय आरक्षी अधीक्षक अनूप बिरथरे एवं अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।