18 साल से बंद पड़े राखा माइन्स का भूमि पूजन, मुख्यमंत्री ने कहा- मजदूर हूं, मुझे उनके दर्द का अहसास है


    बीते 18 साल से बंद जादूगोड़ा स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की राखा माइन्स का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने राखा कंसंट्रेटर प्लांट एवं एक नई खान चापड़ी की सौगात पूर्वी सिंहभूम को दी। इस मौके पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं मजदूर हूं और एक मजदूर की पीड़ा समझ सकता हूं। अगर एक खदान या फैक्ट्री किसी वजह से बंद हो जाती है तो वहां काम करने वालों की मानसिकता उनकी आर्थिक स्थिति पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है यह समझ सकता हूँ। उन सभी मजदूरों की पीड़ा को समझते हुए 2001 से बंद खदान का शुभारंभ कर मुझे आत्मिक खुशी हो रही है। आप खुश रहेंगे, तो मैं खुश रहूंगा। यह कार्य क्षेत्र के सांसद के अथक परिश्रम एवं केन्द्र और राज्य सरकार के प्रयास से सार्थक हुआ। इस डबल इंजन की सरकार ने एक बार फिर से नई सुबह का आगाज किया है। अब नई सुबह के साथ वीराने में हरियाली और रोजगार का सृजन होगा।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बताया कि देश में तांबा की उपलब्धता कम है। देश को तांबा अन्य देशों से आयात करने पड़ता है। वर्षों से बंद इस खदान और यहां काम करने वाले गरीबो की चिंता किसी ने नहीं की, लेकिन विगत 4 वर्ष के कार्यकाल में राज्य सरकार ने बंद पड़े खदान को पुनः प्रारंभ करने का कार्य किया। यह आपके सही चुनाव का प्रतिफल है। एक अच्छा जनप्रतिनिधि की यही पहचान है कि वह लोगों के दुख दर्द को समझे। केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि भारत तांबा का निर्यातक बनें और सिंहभूम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनियन बजट किसान, गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग को समर्पित है। आजादी के बाद सहयोगात्मक और रचनात्मक बजट पेश किया गया। संगठित मजदूरों के साथ असंगठित मजदूरों की चिंता केंद्र सरकार ने की। अब असंगठित मजदूरों को 100 रुपये प्रति महीना और 60 साल की उम्र में 3 हजार का पेंशन सुनिश्चित हुआ। वहीं, किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना के तहत प्रति एकड़ 6 हजार रुपये उनके कृषि कार्य हेतु दिया जाएगा, जबकि राज्य सरकार मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत भी प्रति एकड़ 5 हजार रुपये किसानों को देगी। अब एक एकड़ भूमि वाले किसान को न्यूनतम 11 हजार और 5 एकड़ भूमि वाले किसान को अधिकतम 31 हजार रुपये दिया जाएगा। अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना हमारा उद्देश्य है।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कुछ बाहरी ताकतें आदिवासियों की संस्कृति, बिरसा आबा, सिधो कान्हो की संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं। ऐसी शक्तियों से मिलकर मुकाबला करना है। हम ऐसी संस्कृति का निर्माण करें, जिससे आने वाली पीढ़ी इस अनुपम संस्कृति से सिंचित हो सके। संथाल परगना में इस दिशा में लोगों में गजब की जागरूकता आई है। इस संस्कृति, परंपरा और भाषा को संजोने के लिए राज्य सरकार ने ओल चिकि भाषा में 1 से 5 कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने का प्रावधान किया है। जल्द इस भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की योजनाओं से आम लोगों को आच्छादित करना है। राज्य की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना लागू हो गई है। अभिभावक अपनी बच्चियों के निबंधन स्कूल में कराएं। सरकार बेटी के जन्म से लेकर शादी तक उन के सर्वांगीण विकास के लिए 70 हजार रुपये सहायता राशि उपलब्ध कराएगी.

    सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि यह खुशी का दिन है। वर्षों बाद आज माइंस खुल रहा है। मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद आपके सार्थक प्रयास से बंद माइंस खुल रहे हैं और रोजगार का सृजन हो रहा है। मुख्यमंत्री जी ने मात्र 15 दिनों के अंदर राखा चापडी माइंस के लिए जमीन का आवंटन कर रोजगार और विकास का मार्ग प्रशस्त किया।

    घाटशिला विधायक श्री लक्ष्मण टुडू ने कहा कि 18 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हुई। अब रोजगार का और अधिक सृजन होगा। यह केंद और राज्य सरकार की देन है कि घाटशिला में बंद माइंस खुला और धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट का शिलान्यास हुआ। ज्ञातव्य है कि राखा माइन्स सन् 1971 में प्रारंभ हुई थी। यहां से उत्पादन की शुरुआत सन् 1976-77 में हुई। आज से लगभग 18 वर्ष पूर्व 7 जुलाई 2001 को झारखण्ड निर्माण के 1 वर्ष बाद कुछ कारणों से माइन्स में खनन कार्य बंद हो गया। कंसंट्रेटर प्लांट के लिए झारखण्ड सरकार ने 90 एकड़ जमीन का आवंटन एचसीएल को किया है। राखा माइन्स की उत्पादन क्षमता 1.50 मीट्रिक टन होगी एवं चापड़ी माइंस की उत्पादन क्षमता 1.50 मीट्रिक टन होगी। साथ ही राखा कंसंट्रेटर प्लांट की क्षमता प्रथम चरण में 1.50 मीट्रिक टन की होगी, जो कि द्वितीय चरण में बढ़ाकर 3 मीट्रिक टन की जाएगी।

    इस अवसर पर सीएमडी, (एचसीएल) संतोष शर्मा, निदेशक (एचसीएल) अनुपम आनंद, डायरेक्टर (माइनिंग एचसीएल) एसके भट्टाचार्या, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम अमित कुमार, वरीय आरक्षी अधीक्षक पूर्वी सिंहभूम अनूप बिरथरे, यूनिट हेड ICC  संजय कुमार सिंह व अन्य उपस्थित रहे।