झारखण्ड में गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है आयुष्मान भारत योजना, हो रहा है मुफ़्त इलाज


    झारखण्ड मंत्रालय में बुधवार को ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत’ के सलाहकार समिति की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। झारखण्ड में इसमें उल्लेखनीय काम हुआ है। निजी अस्पतालों की इसमें भूमिका महत्वपूर्ण है। अस्पतालों की जो समस्या है, सरकार उनके निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अस्पताल मालिक भी संवेदनशील होकर गरीब, असहाय लोगों का इलाज करें। गरीब पर अनावश्यक बिल का बोझ न डालें। बिना जरूरत की जांच, दवा आदि लिखने की शिकायतें आती रहती हैं, उन्हें रोकें। अच्छा कर्म करने वालों को पूरी दुनिया सम्मान देती है। यही कारण है कि इस बार रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पद्मश्री का सम्मान मिला है। आप भी ऐसे ही सेवा कार्य से अपना और अपने राज्य-देश का नाम रोशन करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के खर्च के लिए पैसे जरूरी है, लेकिन किसी गरीब की आह नहीं लेनी चाहिए। इसी प्रकार आयुष्मान भारत के तहत मरीज के मामले में गलत बिलिंग नहीं होनी चाहिए। मरीज को क्वालिटी इलाज मिले, यही हमारा लक्ष्य है। निजी अस्पतालों की तरह ही सरकारी अस्पतालों ने भी अनुशासन रहे, इस दिशा में काम किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सलाहकार समिति की बैठक हर तीन माह में होगी। इसमें आये सुझावों पर सरकार अमल करेगी। इसके नीचे एक छोटी कमेटी रहेगी, जिसकी हर माह बैठक होगी। लोगों को छोटी-मोटी बीमारी के इलाज के लिए शहर न आना पड़े। इसके लिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल का जाल बिछाना चाहती है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार 25 प्रतिशत तक की दर पर जमीन उपलब्ध कराएगी। पीपीपी मोड पर भी अस्पताल खोलने वालों का स्वागत करेगी। अस्पताल संचालकों द्वारा इलाज के लिए तय राशि बढ़ाने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा भी जताया।

    बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि गोल्डन कार्ड जारी करने के मामले में झारखण्ड पूरे देश में अव्वल है। यहां अब तक 19.5 लाख गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 218 सरकारी और 371 निजी अस्पतालों के साथ अब तक 589 अस्पताल इस योजना में शामिल हो चुके हैं। अब तक 40, 534 क्लेम जेनरेट हुए हैं, जिसमें 38 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च हुई है। बैठक में शामिल अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान भारत योजना और झारखण्ड में इसके क्रियान्वयन को लेकर बहुत प्रशंसा की।  इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्णवाल, झारखण्ड राज्य आरोग्य सोसायटी के कार्यकारी निदेशक दिव्यांशु झा, विभिन्न अस्पतालों के संचालक समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।