बीएड कॉलेजों में खाली सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश


    राज्य के बीएड कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2019-21 के लिए रिक्त सीटों पर नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आदेश दिया है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को राज्य के बीएड कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2019-21 के रिक्त सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी किया गया। उच्च शिक्षा विभाग ने यह साफ किया है कि रिक्त सीटों पर नामांकन में आरक्षण संबंधी कार्मिक, प्रशासनिक सुधार, राजभाषा विभाग के नियमों के अनुरूप कार्रवाई करें। इसके साथ ही तय मानदंडों में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और संबंधित बीएड कॉलेज प्राचार्य दोषी माने जाएंगे।

    ज्ञात हो कि शैक्षिक सत्र 2019-21 के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्ति के बावजूद कई महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई हैं। बीएड महाविद्यालय के प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने यह बात रखी थी कि निजी बीएड डिग्री कॉलेज में स्ववित्तपोषित है और सीटें रिक्त रह जाने के कारण महाविद्यालय के संचालन में परेशानी होगी। B.Ed महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों के अनुरोध और छात्र हित को देखते हुए विभागीय प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ राज्य के बीएड महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, रांची विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू , काउंसलिंग समिति के अध्यक्ष आदि लोग शामिल थे। समीक्षा के बाद इस संबंध में आये विकल्प और इसी संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेशों के आलोक में विधि विभाग से भी परामर्श लिया गया और फिर यह फैसला हुआ।

    राज्य सरकार ने विधि विभाग की सहमति के आलोक में यह निर्देश दिया है कि रिक्त सीटों को भरने के लिए दिए गए विभाग के मार्ग निर्देशन को ध्यान में रखते हुए जेसीईसीईबी द्वारा तैयार किए गए 18,863 अभ्यर्थियों के मेरिट लिस्ट में जिन अभ्यर्थियों ने नामांकन करा लिया है, उन्हें छोड़कर शेष अभ्यर्थियों के मेरिट लिस्ट के वेटिंग लिस्ट को डीम्ड माना जायेगा। राज्य सरकार के नियम और आरक्षण नीतियों का पालन करते हुए नामांकन के लिए वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थी सीधे इच्छुक महाविद्यालयों में कोटिवार रिक्त सीटों के विरुद्ध मेरिट लिस्ट के आधार पर नामांकन ले सकते हैं। नामांकन की प्रक्रिया पालन करने के लिए राज्य स्तरीय समाचार पत्रों में 3 दिनों तक विज्ञापन प्रकाशित कर वेटलिस्टेड अभ्यर्थियों को इसकी सूचना दी जाए। नामांकन प्रक्रिया के बाद भी अगर किसी अभ्यर्थी का नामांकन अपनी इच्छा अनुसार संस्थान में नहीं हो पाता है और किसी अन्य विद्यालय में सीट रिक्त है तो वह एक सप्ताह के अंदर किसी भी महाविद्यालय में नामांकन करा सकता है। इसके लिए सीएमएल रैंकिंग का अनुसरण आवश्यक नहीं होगा।

    राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नामांकन की प्रक्रिया के समय पारदर्शिता के लिए संबंधित विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी सम्मिलित रहेंगे। रांची विश्वविद्यालय का यह दायित्व होगा कि राज्य के बीएड कॉलेजों से नामांकन की अद्यतन प्रतिवेदन प्राप्त करेंगे।