17 सितंबर 2019: कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले


    राज्य के पुलिस बल में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मी, आरक्षी, हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक तथा निरीक्षक को एक माह का अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की स्वीकृति दी गई। प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में इन कर्मियों को जो वेतन (मूल वेतन+महंगाई भत्ता) प्राप्त होगा, उसके समतुल्य मानदेय राशि का भुगतान वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर मार्च माह में प्राप्त होने वाले फरवरी माह के वेतन के साथ किया जाएगा।

    खासमहल भूमि को फ्री होल्ड करने की स्वीकृति दी गई। रिलीज की गई भूमि को फ्री होल्ड करने का निर्णय case by case आधार पर लिया जाएगा। फ्री होल्ड करने के पूर्व यह सुनिश्चित किया जाएगा कि Public Purpose के लिए संबंधित भूमि को Resume करने की आवश्यकता नहीं है।

    झारखंड राज्य आवास बोर्ड (आवासीय भू संपदा का प्रबंधन एवं निस्तार) विनियमावली, 2004 यथा संशोधन 2017 के नियम-36 में उपनियम-2 अंत: स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।

    लोकनाथ प्रसाद (सेवानिवृत्त न्यायधीश) अध्यक्ष पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि से आगामी 3 वर्षों के लिए अध्यक्ष के रूप में पुनः मनोनीत करने की स्वीकृति दी गई।

    लघु सिंचाई प्रक्षेत्राधीन 214 अदद आहर/बांध/तालाब मध्यम सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार कार्य के लिए लागत राशि 185 करोड़ 8 लाख 97 हजार 7 सौ रुपये मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

    बिरसा मुंडा स्मृति पार्क आवासीय परियोजना, रांची में 180 आवासों के निर्माण के लिए 17 करोड़ 37 लाख 1 हजार 7 सौ रुपए मात्र पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

    संशोधित झारखण्ड नगरपालिका व्यापार अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) विनियमावली, 2017 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

    चतुर्थ झारखण्ड विधानसभा के (17वें) विशेष सत्र 13 सितंबर 2019 के सत्रावसान के लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

    पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) एवं धनबाद में मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में स्थापना के सुचारू संचालन के लिए वर्ग 3 एवं वर्ग 4 के कुल सात अराजपत्रित पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

    ग्रामीण विकास विभाग झारखण्ड के अंतर्गत राज्य के गांवों में पारंपरिक शिल्प कला कौशल को विकसित करने के लिए 30038.00 लाख से "मुख्यमंत्री आजीविका संवर्धन" योजना के क्रियान्वयन की एवं इसके लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 20 में बजटीय उपबंध के विरुद्ध कुल राशि 25 करोड़ के व्यय की स्वीकृति दी गई।

    W.P.(S) 3382/2016 शंकर कच्छप एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में 11 मई 2017 को पारित आदेश के अनुपालन में वादी की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।