पेड़-पौधे जीवन एवं संस्कृति दोनों के लिए जरूरी- रघुवर दास


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को कहा कि झारखण्ड में विस्थापन प्रमुख समस्या रही है। विकास कार्यों के लिए लोगों की जमीन तो ली जाती रही है, लेकिन उन्हें विस्थापित बनाकर छोड़ दिया जाता रहा। जमीन मालिक होते हुए भी वे विस्थापित कहलाते रहे। उन्हें जमीन के कागजात नहीं दिये गये, लेकिन हमारी सरकार का मानना है कि विकास कार्यों के लिए जमीन देने वाला व्यक्ति ही असली मालिक है। उन्हें हम उजाड़ने से पहले बसाने का काम कर रहे हैं। उन्हें मालिक बनाया जा रहा है। विधानसभा की जमीन के विस्थापितों के लिए जो यह कॉलोनी बनायी गई है, यह एक मिसाल है। मुख्यमंत्री ने ये बातें कुटे स्थित विस्थापन एवं पुनर्वास कॉलोनी में वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कही।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉलोनी का नामकरण महान स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के नाम पर किया जाएगा। इस कॉलोनी को ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव कॉलोनी के नाम से जाना जाएगा। इस कॉलोनी में सरकार ने वृक्षारोपण कर दिया है। अब आप सबों की यह जिम्मेदारी है कि इनकी देख-रेख करें। पेड़-पौधे जीवन और संस्कृति दोनों के लिए जरूरी हैं। इनका संरक्षण करना है। पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करना होगा।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यहां की महिलाएं सखी मंडल बनाएं। सरकार उन्हें प्रशिक्षण देकर रोजगार के साथ जोड़ेगी। इस वर्ष नवंबर से राज्य की 40 हजार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। ये सभी महिलाएं सखी मंडल से जुड़ी हुई हैं। इन्हें रेडी टू ईट योजना से जोड़ा जा रहा है। अब ग्रामीण महिलाएं ही आंगनवाड़ी के लिए पौष्टिक आहार तैयार कर भेजेंगी। इससे राज्य के 500 करोड़ रुपये जो बाहर जाते थे, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि यहां थोड़े बहुत काम बाकी रह गए हैं। जनवरी के पहले उन्हें पूरा कर लिया जाएगा। 14 जनवरी के बाद यहां गृह प्रवेश कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में ही स्कि‍ल डेवलपमेंट का कैंप लगाकर यहां की महिलाओं को हाउस कीपिंग, टेलरिंग व युवाओं को विभिन्न तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। नये विधानसभा, सचिवालय भवन में इन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा, ताकि‍ घर पर रहते हुए ही काम कर सकें।

    कार्यक्रम में हटिया विधायक नवीन जायसवाल, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदूशेखर चतुर्वेदी, भवन सचिव सुनील कुमार, हेड ऑफ फॉरेस्ट संजय कुमार, पीसीसीएफ शशि नंद कुलियार समेत अन्य अधिकारी और स्थानीय निवासी उपस्थित थे।