खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए DMFT फंड से 4211.36 करोड़ रुपए स्वीकृत


    रांची स्थित सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीख पी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व संग्रहण के लिहाज से खान एवं भूतत्व विभाग महत्वपूर्ण विभागों में से एक है। राज्य के वार्षिक बजट का लगभग 8.04 प्रतिशत खनन राजस्व से प्राप्त होता है। वर्ष 2014-15 में खनन से 3449.83 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हुआ था, जो 2018-19 में बढ़कर 5978.30 करोड़ रुपए हो गया। चालू वित्तीय वर्ष के जुलाई माह तक खनन से 1352.91 करोड़ रुपए राजस्व अर्जित कर लिया गया है।

    खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव ने बताया कि न्यू मिनरल आक्शन रुल्स के अंतर्गत खनिज ब्लॉक की नीलामी करने वाला झारखण्ड देश का पहला राज्य है। अबतक नीलामी के उदेश्य से वृहत खनिज के 60 ब्लॉक (बॉक्साइट के 25, लौह अयस्क के 8, ग्रेफाइट के 10, मैंगनीज के 5, चूना पत्थर के 10 और इमराल्ड के 2) को चिन्हित कर भूतात्विक अन्वेषण का कार्य किया जा रहा है। इसमें वृहत खनिज के तहत स्वर्ण खनिज के दो, चूना पत्थर के दो, ग्रेफाइट के दो और लौह अय़स्क के एक खनिज ब्लॉक की नीलामी की जा चुकी है, जबकि लघु खनिज के 3 ब्लॉक की नीलामी हुई है। इसके अलावा तीन कोल बेड मिथेन ब्लॉक की नीलामी की स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2015-16 में 24 कोयला ब्लॉकों का झारखण्ड में आवंटन किया गया था. इसमें 3 कोयला ब्लॉक संचालित है और दो ब्लॉक जल्द शुरु की जाएगी।

    खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) का गठन किया गया है। इसका कार्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करना है। डीएमएफटी के गठन के बाद से इस साल जुलाई तक 4443.4 करोड़ रुपए की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों में जन कल्याण के लिए संबंधित जिलों में ट्रस्ट के खाते में जमा की जा चुकी है। डीएमएफटी फंड से 16,681 योजनाओं के लिए 4211.36 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, इन योजनाओं से 38,82,492 लोगों को लाभ पहुंचाया जाना है। स्वीकृत योजनाओं में से ड्रिंकिग वाटर की 15,575 योजनाओं के लिए 3258 करोड़,  सैनिटेशन की 17 योजनाओं के लिए 458.68 करोड़, हेल्थ सेक्टर की 237 योजनाओं के लिए 20.46 करोड़ और अन्य 852 योजनाओं के लिए 474.39 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।