आंगनवाड़ी वर्कर के मानदेय के लिए रिवोल्विंग फंड बनाएं: मुख्यमंत्री


    रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मानदेय को नियमित करने के लिए एक रिवोल्विंग फंड बनाएं। आंगनवाड़ी बहनों को समय पर मानदेय मिले, इसके लिए यह फंड काम करेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उस फंड के माध्यम से मानदेय का भुगतान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगली कैबिनेट बैठक में आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाओं के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित करने के लिए प्रस्ताव लेकर आएं।

    आपको बता दें कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दो दिन पहले 3 सितम्बर को यह निर्देश दिया था कि आंगनवाड़ी सेविका- सहायिकाओं के अतिरिक्त मानदेय के संबंध में निर्णय लेने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन कर इस पर निर्णय लिया जाए। इस कमेटी में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव और विभागीय सचिव शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी सेविकाओं के महिला पर्यवेक्षिका के पद पर प्रोन्नति के संबंध में उम्र की सीमा बढ़ाने का भी आदेश दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया था कि आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं के खिलाफ कोई बात आती है तो उनका पक्ष प्राप्त किये बिना उन्हें सीधे चयन मुक्त नहीं किया जाए। इसके साथ ही हड़ताल की अवधि में मानदेय का नियमानुसार भुगतान का भी आदेश दिया।

    मुख्यमंत्री ने यह कहा कि झारखण्ड के नौनिहालों के विकास में आंगनवाड़ी का काफी महत्व है। पूरे राज्य में कुपोषण के विरुद्ध अभियान चल रहा है, इसमें आंगनवाड़ी की बहनें सामने आएं और झारखण्ड से कुपोषण को समाप्त करने में सक्रिय योगदान दें। वहीं, बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल और खाद्य आपूर्ति सचिव अमिताभ कौशल उपस्थित रहे।