कांटा टोली और रातू रोड फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाएं : मुख्यमंत्री


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शहर में बन रहे फ्लाईओवर के कार्यो में तेजी लाने और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश कांटा टोली और रातू रोड फ्लाईओवर निर्माण की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। समीक्षा बैठक का आयोजन झारखण्ड मंत्रालय में किया गया था। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जगहों पर किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, वहां तत्काल काम शुरू कर दिया जाए। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जाए कि फ्लाईओवर बनाने के क्रम में आम जनता को किसी तरह की परेशानी ना हो और ट्रैफिक पर इसका असर ना पड़े।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि रांची में फ्लाईओवर का निर्माण कराना सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। लोगों को ट्राफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए फ्लाईओवर के कार्यों में तीव्रता लाने की आवश्यकता है। निर्माण कार्य के दौरान आवागमन की असुविधा न हो इसका पूरा ख्याल रखें और बढ़िया गुणवत्ता का डायवर्सन रोड का निर्माण करें। राज्य सरकार का यह लक्ष्य है कि हर हाल में रांची में फ्लाईओवर का निर्माण हो और जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार ने आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के प्रति तत्परता दिखाई है। सरकार के गठन होने के बाद नगर विकास विभाग के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर कांटा टोली और रातू रोड फ्लाईओवर का डीपीआर तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया गया। जल्द ही और जितने भी फ्लाईओवर से संबंधित परियोजनाएं हैं उसे भी धरातल पर उतारने का कार्य राज्य सरकार करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय करके समस्याओं का समयबद्ध निदान करें। सभी अधिकारी स्पॉट विजिट करके देखें कि वहां उत्पन्न हो रही समस्याओं का निराकरण कैसे निकलेगा। काम को लटकाने या टालने के बदले हल ढूंढ कर काम में तेजी लाएं।  उन्होंने कहा कि प्रयास रहे कि उसमें आम जनता को परेशानी नहीं हो। सरकार के स्तर पर होने वाली हर परेशानी का निपटारा कर दिया जाएगा।

    समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास मंत्री सी पी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह, पथ सचिव के के सोन, रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे, जुडको और एनएचएआई के अधिकारी और संवेदक के प्रतिनिधि शामिल हुए।