साहेबगंज: 'गरीबों, आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाने के लक्ष्य के साथ काम करें अधिकारी'


    साहेबगंज के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नए परिसदन के सभाकक्ष में जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ विभागवार समीक्षा बैठक की। इस क्रम में सबसे पहले मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव, 108 एम्बुलेंस सेवा की समीक्षा की। सिविल सर्जन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को जानकारी देते हुए बताया कि जिले को 12 एंबुलेंस मिलना था, जिसमें 10 प्राप्त हो चुका है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न निदेशांकों की समीक्षा की गई। वहीं, इस बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।  साहेबगंज के उपायुक्त को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिले में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाए। इसके अलावा आदिवासी बहुल इलाकों में विकास पर विशेष कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया।

    बिजली विभाग के समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कार्यपालक अभियंता (विद्युत) को निर्देश दिया कि साहेबगंज जिले के प्रत्येक घर में बिजली 30 दिसंबर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। इसके लिए कार्यपालक अभियंता को प्रत्येक सप्ताह मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया। इसके साथ यह भी कहा कि समयसीमा का ध्यान रखते हुए काम पूरा कराया जाए।

    जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ऑर्गेनिक क्लस्टर के लिए जगह चिन्हित करने का निर्देश दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज झारखण्ड के किसानों के अंदर उत्साह है। कृषि वैज्ञानिक की सहायता जिले के किसानों को उपलब्ध कराकर किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जाए। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निर्देश दिया कि लोगों को कृषि व्यवसाय से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही साहेबगंज जिले से इजरायल जाने वाले किसान को ग्रामीण क्षेत्र में कृषि के गुर सिखाने हेतु प्रेरित करने को कहा है, जिससे जिले में उन्नत कृषि तकनीक का प्रसार गांव तक हो सके और संथाल परगना के कृषक खेतों में पैदावार बढ़ा सकें। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यह भी कहा कि अनुसूचित जनजाति के किसान और गरीब किसान को रियायत दर पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा।

    मुर्गीपालन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बैठक में कहा कि जिले में डिस्ट्रिक्ट पोल्ट्री सोसायटी का गठन किया जाए। इससे मुर्गीपालन को बढ़ावा मिलेगा। बकरीपालन, डेयरी फॉर्म से भी लोगों को जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रथम चरण में हर प्रखण्ड में दो-दो स्कीम से शुरुआत करने का निर्देश दिया। JSLPS के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश देते हुए रघुवर दास ने कहा कि महिलाओं के साथ बैठक कर महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करें। गांव-गांव में दूध के लिए सहकारी महिला समिति बनाने का निर्देश भी दिया। मिल्क फेडरेशन सोसायटी दूध को खरीदेगी। स्थानीय लोगों को डेरी इंडस्ट्री बनाने का निर्देश दिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को लगातार प्रखंड और अंचल के द्वारा किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि किसी भी तरह के भूमि अधिग्रहण में अगर कोई कर्मचारी नियम के खिलाफ कोई काम करता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें। गरीब रैय्यतों को शीघ्र मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। योजनाओं हेतु भूमि के अधिग्रहण के मामले में कोई भी कर्मचारी और पदाधिकारी कोताही न बरतें।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में जिले के पदाधिकारियों को रिजल्ट ओरिएंटेड काम करने का निर्देश दिया। विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सभी पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करें। सभी पदाधिकारियों को समाज के लिए काम का निर्देश दिया। पदाधिकारी शोषित वंचित आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए काम करें। ग्रामीण की समस्याओं को सुलझाने के लिए जिले के पदाधिकारी गांव में जाएं और उनकी समस्याएं सुने। इसके अलावा वन प्रमण्डल पदाधिकारी को उन्होंने मधुमक्खी पालन, वनोउत्पाद बांस, इत्यादि वैल्यू एडेड पौधों पेड़ों को लगाने के लिए काम करने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अधिकारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम करें। यूरोप के देशों में सब्जियों की मांग है। सऊदी अरब एवं रेगिस्तानी देशों में सब्जी की मांग है। जब लोग रोजगार से जुड़ जाएंगे तो संथाल परगना से किसी व्यक्ति का पलायन नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को साहेबगंज जिले के विकास के लिए 1 साल का कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गरीब महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्य करने का निदेश दिया। महिलाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित करने का निर्देश भी उन्होंने दिया है। महिलाएं कृषि, पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही हैं। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं की तरक्की होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारक्राफ्ट से कपड़ों की खरीदी की जाएगी, जिसमें जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाएं सिलाई कर स्कूली बच्चों को पोशाक उपलब्ध कराएंगी, तब उनका आर्थिक सुदृढ़ीकरण भी होगा और क्षेत्र का भी विकास होगा। उपायुक्त संदीप कुमार सिंह ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास को जानकारी देते हुए बताया कि आकांक्षी जिला साहेबगंज में विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को पालन करते हुए सभी कार्यों को समय पर संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर राजमहल सीट से विधायक अनंत कुमार ओझा, उप विकास आयुक्त नैंसी सहाय, वन प्रमण्डल पदाधिकारी मनीष तिवारी, परियोजना निदेशक आई टी डी ए बब्लू मुर्मू, अपर समाहर्ता अनमोल कुमार सिंह, निदेशक एन ई पी मंजूरानी स्वांसी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी रामनिवास सिंह, सभी तकनीकी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।