“महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष समारोह में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ना हमारा उद्देश्य”


    राजभवन में राष्ट्रपि‍ता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष समारोह के आयोजन की रूपरेखा तय करने के संबंध में शनिवार को एक बैठक आयोजित हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह में माननीय राज्यपाल महोदया द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में सभी राजनीतिक दलों, गांधीवादी विचारधारा के लोगों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं समेत अन्य लोगों की जल्द मुख्य बैठक होगी। इसमें सभी से सुझाव लिए जाएंगे। उस बैठक में एक वर्किंग कमेटी का गठन किया जाएगा। जो लगातार बैठकें कर आयोजन की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन को देखेगी।

    मुख्यमंत्री ने 2 मई 2018 को माननीय राष्ट्रपति की अध्यक्षता में हुई बैठक, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों तथा देश के गांधीवादी विचारधारा से जुड़े लोग भी सम्मिलित हुए थे वहां सामने आए सुझावों और विचारों को बैठक में रखी। इस दौरान उन्होंन कहा कि झारखण्ड में महात्मा गांधी की जयंती वर्ष पर ऐसे कार्यक्रम किए जाए, ताकि नयी पीढ़ी को महात्मा गांधी के विचारों और उनके योगदान को सही अर्थों में समझने और जानने का अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। ऐसा कार्यक्रम जिसमें पूरे झारखण्ड की भागीदारी हो।

    बैठक में विधानसभा अध्यक्ष श्री दिनेश उरांव ने सुझाव दिया कि इसमें ग्राम प्रधानों को भी जोड़ें। उनके अलावा सांसद श्री रामटहल चौधरी, श्री महेश पोद्दार, खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री संजय सेठ, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रमेश चंद्र, रामकृष्ण मिशन के भवेशानन्द, चेंबर अध्यक्ष श्री दीपक मारू रांची विश्वविद्यालय डॉ रमेश कुमार पाण्डेय, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय श्री पी कौशल, प्रो सरस्वती मिश्रा, दर्शन शास्त्र विभाग, रांची विश्वविद्यालय ने भी अपने सुझाव दिये।

    वहीं, राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष समारोह को पूरे धूमधाम से मनाना है। इसमें हर किसी की भागीदारी सुनिश्चित करनी है। सालभर के आयोजन से गांधी जी के विचार और दर्शन को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में महात्मा गांधी के जीवन का क्या महत्व है, इसपर काम करने की जरूरत है। वे राजभवन में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष समारोह के आयोजन की रूपरेखा तय करने के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।

    उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने गांव को विशेष महत्व दिया। हमें भी युवा पीढ़ी को जागरूक करना है। स्कूली बच्चों को इस आयोजन से जोड़ना चाहिए। बापू से संबंधित आर्ट, सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन सालभर होता रहे। पदयात्रा, प्रभातफेरी, स्लोगन लेखन आदि को भी बढ़ावा देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि गांवों में गांधी जी के दर्शन व चिंतन का व्यापक प्रचार-प्रसार हो तथा महिलाओं को भी गांधी जी के दर्शन से जोडें। उन्होंने कहा कि राज्यपाल सम्मेलन में भी माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कहा गया कि हमारे अधिक-से-अधिक युवा उच्च शिक्षा ग्रहण करें, ऐसा प्रयास है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों की स्थिति में सुधार लाकर राष्ट्र की उन्नति की दिशा में अहम प्रयास कर सकते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी गोंवों में जायें और वहां जन-कल्याण में संचालित सरकारी योजनाओं के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाए।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री नीतिन मदन कुलकर्णी, गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री एसकेजी रहाटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन एवं पुलिस मुख्यालय के महानिदेशक श्री पी.आर.के. नायडू, नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, कला संस्कृति विभाग के सचिव श्री राहुल शर्मा, पर्यटन निदेशक श्री संजीव बेसरा समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।