70 करोड़ की लागत से नवनिर्मित “पतरातू लेक रिसॉर्ट” का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर पतरातू में 70 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित “पतरातू लेक रिसॉर्ट” का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि 2016 में मैं सड़क मार्ग से इस डैम के समीप से गुजर रहा था। उस समय यहां की प्राकृतिक खूबसूरती ने मुझे काफी हद तक आकर्षित कर लिया। इसके बाद मैंने तय कर लिया कि संभावनाओं से भरे इस स्थल को विकसित किया जाएगा। यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट हो गया। राज्य की आर्थिक समृद्धि, लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने और झारखण्ड की खूबसूरती को दुनिया के समक्ष लाने के उद्देश्य से पतरातू डैम को विकसित करने का काम शुरू हुआ। आज मुझे इस बात की खुशी है कि 18 माह के अंदर सरकार आप सभी झारखंडवासियों को यह खूबसूरत डैम विकसित कर सौंप रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थल राज्य की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ कर सकती है, रोजगार दे सकती है। इसको आधार मानकर प्राथमिकता देते हुए सरकार कार्य कर रही है। उन सभी पर्यटन स्थलों को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक अनछुए थे। यहां के सांस्कृतिक पर्यटक स्थल को विकसित करने का कार्य शुरू हो चुका है। ईटखोरी में दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप का निर्माण हो रहा है। पारसनाथ जो जैन धर्मालंबियों का तीर्थ स्थल है वहां तक रेल लाइन से जोड़ने की अनुमति मिल चुकी है। मां छिन्नमस्तिके रजरप्पा में लक्ष्मण झूला, फोरलेन सड़क का निर्माण होगा। दुमका स्थित मसानजोर डैम, गुमला स्थित अंजनी धाम हनुमान जी की जन्म स्थली को पर्यटकों के लिए विकसित करने की योजना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड आने वाले पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। पतरातू लेक रिसॉर्ट में ठहरने की उत्तम व्यवस्था की गई है। जल्द यहां गेस्ट हाउस का निर्माण होगा। पिछले कुछ वर्षों में झारखण्ड के पास कुछ होने के बाद भी पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था, लेकिन 2014 के बाद से पर्यटन के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। हम इसे और आगे बढ़ाएंगे और उसी अनुरूप पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। विदेशी पर्यटक भी यहां आएं। पतरातू आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाएगा। रामगढ़ की पहचान सिर्फ कोयला से नहीं, बल्कि पर्यटन स्थल के रूप में भी होगी।

    वहीं, हजारीबाग से सांसद जयंत सिन्हा ने कहा कि विगत 5 वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक और अद्भुत रहा है। पतरातू जैसा पर्यटन स्थल पूरे झारखण्ड में नहीं है। सिर्फ पर्यटन के क्षेत्र में भी हमने ऐतिहासिक कार्य नहीं किया, बल्कि गरीबों को लाभान्वित करने वाली योजनाएं भी ऐतिहासिक रहीं हैं। उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत के तहत देश में झारखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जो उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर भी मुक्त उपलब्ध कराता है। आयुष्मान भारत के तहत कोई भी राशन कार्डधारी इस योजना का लाभ ले सकता है। 5 साल के कार्यकाल के दौरान तीन मेडिकल कॉलेज का निर्माण सरकार ने कर लिया। हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में 80 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान सरकार सिर्फ बातें, घोषणा नहीं करती, बल्कि उसे अमलीजामा भी पहनाती है।

    पर्यटन सचिव राहुल शर्मा ने कहा कि आज बापू की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य सरकार पतरातू द्वारा लेक रिसॉर्ट का लोकार्पण गौरवान्वित करने वाला है। मुख्यमंत्री जी की सोच थी कि पतरातू के इस जलाशय को पर्यटकों के लिए विकसित किया जाए। उनकी ही सोच ने आज मूर्तरूप लिया है। पतरातू लेक रिसॉर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य 19 माह में पूरा कर लिया गया। अब दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू होगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उसकी आधारशिला रख दी है। पतरातू लेक रिसॉर्ट में पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखकर मनोरंजन की व्यवस्था की गई है। इस क्षेत्र को विकसित करने में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य हेतु अभियंता मनीष कुमार प्रसाद व शिव कुमार को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर सांसद, हजारीबाग जयंत सिन्हा, कांके विधायक डॉ. जीतू चरण राम, सचिव, पर्यटन, कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग राहुल शर्मा, प्रबंध निदेशक, झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, सुनील कुमार, निदेशक पर्यटन सह प्रबंध निदेशक, झारखण्ड पर्यटन विकास निगम लि. संजीव कुमार बेसरा, उपायुक्त रामगढ़ संजीव सिंह, पुलिस अधीक्षक रामगढ़ प्रभात कुमार  एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

    पतरातू लेक रिसॉर्ट की खासियत

    - पतरातू लेक रिसॉर्ट शहर की भीड़-भाड़, कोलाहल से दूर एक ऐसा पर्यटक स्थल है, जहां बच्चे, बुजुर्ग, युवा, हर उम्र के लोग खुशी का अनुभव कर सकते हैं।

    - बच्चों के खेलने के लिए एक भव्य चिल्ड्रेन पार्क है।

    - वॉटर पार्क में विभिन्न प्रकार के वॉटर स्पोर्ट्स, जैसे जेट स्कीइंग, हाई स्पीड मोटरबोट, पड़ले बोट, कस्ती और पैरासेलिंग का अनुभव किया जा सकता है।

    - एम्यूजमेंट पार्क में वॉल क्लाइम्बिंग, बंजी जंपिंग, मल्टीलेयर्ड रोप कोर्स है।

    - 21 एकड़ में फैला हुआ पतरातू लेक रिसॉर्ट में “मुरल कलाकृति” से सजे प्रवेश द्वार, दीवारें एवं स्तंभ गोदना चित्रकला को पुनर्जीवित करते हैं।

    - पतरातू लेक रिसॉर्ट को एक ओपन आर्ट गैलरी की तरह विकसित किया गया है। यहां देश के अलग-अलग राज्यों के 52 कलाकारों द्वारा बनाई गईं मुरल कलाकृतियां लगायी गईं हैं। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध शिल्पकारों द्वारा गढ़ी 16 मूर्तियां प्रस्तावित हैं।

    - एक छठ घाट का भी निर्माण किया गया है, ताकि छठव्रती सूर्य को अर्घ्य दे सकें।

    - सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देखने के लिए नाव के जरिए पतरातू आइलैंड के सनसेट प्वॉइंट तक पहुंचा जा सकता है। सूर्यास्त देखने के लिए मचान भी बनाए गए हैं।

    - हस्तकरघा और फैंसी वस्तुएं खरीदने के लिए दुकान एवं खान-पान के लिए रेस्टोरेंट की व्यवस्था की गई है।

    - पतरातू लेक रिसॉर्ट में बॉन फायर का आनंद लेने के लिए 8 ब्लॉक का कैंपिंग प्लिंथ एरिया बनाया गया है।

    - सुबह और शाम की सैर के लिए डैम के ऊपर 3.5 किमी का प्रोमेनार्ड बनाया गया है, जहां सैलानी घूमते हुए प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।

    - पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधाओं से युक्त आधुनिक गेस्ट हाउस का निर्माण हुआ है। पर्यटक अपनी सुविधा अनुसार कमरे या डॉरमेट्री में प्रवेश कर सकते हैं।