“प्लास्टिक छोड़ो” हमारा संकल्प: रघुवर दास


    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची के हातमा स्थि‍त सरना टोली में आयोजित स्वच्छता ही सेवा अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आप सभी की वजह से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपने को हम साकार कर पा रहे हैं। गांधी जी अपने कार्यों के वजह से पूरे देश में पूजे जाते हैं। बापू की 150वीं जयंती के अवसर पर हम सब संकल्प लें कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। यह काम केवल सरकारी स्तर पर संभव नहीं है, इसमें हम सभी की भागीदारी जरूरी है। प्लास्टिक मुक्त झारखण्ड बनाने के लिए हमें इसे अपने व्यवहारिक जीवन में उतारना होगा, ताकि हमारे प्रयास सफल हो सके और आने वाले समय में झारखण्ड सफाई के मामले में नंबर वन पर हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई थी, तब झारखण्ड के सिर्फ 18 प्रतिशत घरों में शौचालय की व्यवस्था थी। आज हमारी सरकार की वजह से झारखण्ड शत-प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त राज्य है। इस तरह स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत प्लास्टिक का उपयोग बंद हो सके, इसके लिए हर वार्ड अध्यक्ष को अपने वार्ड में प्लास्टिक उपयोग पर प्रतिबंध लगाना होगा और जो वार्ड नंबर वन पर होगा उसे सरकार अवॉर्ड देकर सम्मानित करेगी। प्लास्टिक का उपयोग बंद हो, इसके लिए सरकार ने आज कार्यक्रम में प्लास्टिक के बोतल की जगह पीने के पानी के लिए मिट्टी के घड़े का उपयोग कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक आसानी से नहीं जलते और जलाने पर जो जहरीला धुआं निकलता है,  उससे प्रदूषण फैलता है। वह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित होता है। प्लास्टिक का उपयोग बंद हो, इसके लिए हमारी सरकार थैला बनाने का कार्य कर रही है। थैला बनाने के काम में महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लोगों को स्वच्छता ही सेवा का शपथ दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा-  आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि एक बार उपयोग में लाए जाने वाले प्लास्टिक हम घर में नहीं लाएंगे और ना ही लाने देंगे और आसपास के लोगों को भी ऐसा करने का सुझाव देंगे। हमारा संकल्प है- “प्लास्टिक छोड़ो, नो प्लास्टिक एट होम” ।