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मरीजों का इलाज सर्वोपरि, हॉस्पिटल में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं


    माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मंगलवार को कहा कि रिम्स को राज्य की शान बनाना है। यहां अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सेवा करने की जगह है। हमारी जनता यहां काफी उम्मीद के साथ इलाज कराने आती है, उन्हें परेशानी नहीं हो। अब से हड़ताल हुई और कोई कैजुअल्टी हुई, तो हड़तालियों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हर किसी को अपना काम करना होगा। रिम्स में चिकित्सक अब केवल चिकित्सा का काम करेंगे। प्रबंधन का कामकाज देखने के लिए एक आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें झारखण्ड मंत्रालय में रिम्स और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर किसी की जिम्मेदारी तय होगी। रिम्स परिसर में एक पुलिस पिकेट बनाया जाए, जो सुरक्षा-व्यवस्था के साथ-साथ किसी दुर्घटना के शिकार लोगों से पूछताछ कर संबंधित थाने की रिपोर्ट भेजने का काम रहेगा। साथ ही 200 की संख्या में सेवानिवृत्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिम्स में मरीजों के पास अनावश्यक भीड़ रहती है। निजी अस्पतालों की तरह मरीज के साथ एक अटेंडेंट को रहने की अनुमति दें। मिलने का समय निर्धारित रखें। शांति रहने से मरीजों को भी आराम मिलेगा। साफ-सफाई के साथ भी कोई समझौता नहीं किया जाये। सिस्टम बनाएं और उसे कड़ाई से पालन करें। कोई पालन नहीं करता है, तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

    “रिम्स परिसर में जो भी डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलैब हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। जब रिम्स के अंदर ही सुविधा है, तो बाहर ये सेंटर कैसे खुल गए। किसी भी सूरत में दलाली का काम न नहीं होना चाहिए। चिकित्सक भी अपना क्लिनिक न चलायें।”

    श्री रघुवर दास ने कहा कि पेइंग वार्ड, ट्रॉमा सेंटर आदि का काम जल्द से जल्द पूरा करें। इनके लिए जरूरी मैनपावर की भी नियुक्ति साथ-साथ करें। इसी प्रकार राज्य में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए कैंपस सेलेक्शन कर इनकी भर्ती करें। रिम्स में असिस्टेंट प्रोफेसर, नर्सों की नियुक्ति की प्रक्रिया को आसान करें। जो नर्सें कोर्स पूरा कर रही हैं उन्हें एक साल के लिए प्रशिक्षण की दृष्टि से रिम्स में रखें। इस अवधि में 10000 रुपये प्रति माह की दर से भुगतान करें।

    “रिम्स में विभाग प्रमुख को उनके विभाग में कार्यरत कर्मियों की जिम्मेदारी दें। वे उनकी उपस्थिति से लेकर पेमेंट तक का काम देखेंगे। विभाग द्वारा बताया गया कि अभी रिम्स में एक ही शव वाहन है, इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कम से कम पांच शव वाहन लें।”

    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री डीके तिवारी, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, रिम्स के निदेशक श्री आरके श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।