• Raghubar Das FB
  • Raghubar Das Twitter
  • Raghubar Das Youtube
  • -A +A
  • A
  • A
  • menu

मुख्यमंत्री की सीधी बात, अधिकारी समय ना करें बर्बाद


    रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों से कहा कि जिस जिले में छात्रावास आधे-अधूरे हैं या फिर थोड़ी सी मरम्मत के अभाव में लंबे समय से अपूर्ण हैं, उसे अप्रैल माह तक अनटाइड फंड (निर्बंध राशि) से पूरा कर लिया जाये। सूचना भवन में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की तरफ से आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कुछ इसी तरह अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये। जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक करते हुए कुल 16 शिकायतों की समीक्षा की।

    कार्यक्रम के दौरान लातेहार के बरवाडीह प्रखंड में सालों पहले बन रहे अर्द्धनिर्मित छात्रावास का मामला सामने आया। करीब 24 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि से कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2003 में बालिका उच्च विद्यालय छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन लगभग 15 साल से यूं ही छोड़ दिया गया है। इसका उपयोग नहीं होने से भवन खंडहरनुमा लगने लगा है। इस संबंध में लातेहार के उपायुक्त को निर्देश दिया गया कि अभी कल्याण विभाग के पास जो 15 लाख रुपये का फंड मौजूद है उसी राशि से छात्रावास का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा बैठक में मौजूद शिकायतकर्ता को छात्रावास के मरम्मत कार्य पर ध्यान रखने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की शिकायतों पर राज्य के सभी जिलाधिकारियों को अपने स्तर से प्रयास करना होगा।

    इसी तरह से 5 साल से रांची के सोनाहातू प्रखंड के तेतला में स्वास्थ्य उपकेंद्र को आधा-अधूरा छोड़ देने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि ऐसे मामले में विभाग से पत्राचार नहीं करें और स्वास्थ्य उपकेंद्र को चालू करें। इस मामले में रांची के अपर समाहर्ता की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अर्धनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र में खिड़कियों में शीशे नहीं हैं और फर्श तैयार नहीं है। इसके साथ ही पेयजल और बिजली की व्यवस्था भी नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भवन का निर्माण कार्य जिला परिषद द्वारा किया जा रहा है। लेकिन 16 फरवरी को जिला अभियंता ने इससे इंकार कर दिया था। अगले माह के जनसंवाद केंद्र के द्वारा आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में इसकी समीक्षा की जायेगी।

    लातेहार में विस्थापितों का पुनर्वास नहीं पाने के मामले की समीक्षा भी जनसंवाद कार्यक्रम के सीधी बात में की गई। फरियादियों की तरफ से बताया गया उन्हें सिर्फ जमीन की रसीद दी गयी, लेकिन जमीन पर अब तक दखल-कब्जा नहीं दिये जाने के कारण वो पिछले सात वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। इस पर लातेहार के उपायुक्त ने कहा कि नगर पंचायत के जरिये सर्वे करा लिया गया है। चार जगह चिन्हित कर लिये गये हैं। विस्थापितों को जल्द पुनर्वासित करने का काम शुरू हो जायेगा।

    आप आश्वस्त रहें, पुनर्वास के मामले जल्द निष्पादित होंगे और सबको जल्द बसाने का प्रबंध किया जायेगा।

    धनबाद के बाघमारा प्रखंड में वर्ष 2015 में डाटा इंट्री का कार्य जिला परिषद द्वारा कराया गया, लेकिन 13वें वित्त की राशि खत्म होने की बात कहकर अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। कहा गया कि 14वें वित्त से मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त से कहा कि राज्य में बहुत से काम मौखिक स्तर पर कराये जाते हैं। अगर सरकारी स्तर पर काम कराया गया है तो उसका मानदेय कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने उपायुक्त से जल्द मानदेय राशि के भुगतान का आदेश दिया है।

    गोड्डा के तेलडीहा गांव में पिछले 8 माह से अब तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त,गोड्डा से कहा कि जनजातीय क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका तुरंत बजट बनाकर भेजिये। सुनील कुमार बर्णवाल ने कहा कि मिनी आंगनबाड़ी का भी प्रावधान है, तब तक इसे भी खोल कर काम शुरू कराया जा सकता है। तेलडीहा गांव में 600 की आबादी है।

    आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने से महिलाएं सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाती हैं।

    गोड्डा के बोआरीजोर प्रखंड के दिव्यांग धीरज कुमार साह को पिछले 5 साल से नियमित रूप से पेंशन भुगतान नहीं होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त से कहा कि इतने छोटे-छोटे काम के लिए एक दिव्यांग को यहां आना पड़े, यह दुखद बात है। उन्होंने उपायुक्त को एक सप्ताह के अंदर पेंशन भुगतान का आदेश दिया। उन्होंने बैंक में पैसे नहीं आने पर शिकायतकर्ता से फिर 181 पर फोन करने को कहा।

    दिव्यांगों को पेंशन भुगतान में किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। अधिकारी मानवता का भी खयाल रखें।

    पलामू के लगभग 494 पारा शिक्षकों का 6 साल से मानदेय बकाया रहने पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने लंबे समय से अब तक मानदेय क्यों नहीं मिला। उपायुक्त ने कहा कि आवंटन प्राप्त होते ही मानदेय का भुगतान हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द सबके मानदेय का भुगतान कर दिया जाये। पलामू के ही अप्रैल 2016 से वार्डन सहित कई कर्मचारियों के बकाये मानदेय नहीं मिलने की शिकायत पर पंचायती राज विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि तीन-चार दिन के अंदर सभी को मानदेय का भुगतान कर दिया जायेगा।

    गढ़वा में 5 साल बाद भी पथ निर्माण के लिए ली गयी जमीन का अभी तक भुगतान नहीं होने की शिकायत पर उपायुक्त ने अपनी सफाई में कहा कि जन सुनवाई हो गयी है। गढ़वा के भू-अर्जन पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पथ चौड़ीकरण योजना में अधिसूचना प्रकाशन की कार्रवाई की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना था कि 19 गांवों के रैयतों ने अपनी जमीन दी है, सिर्फ विभागीय लापरवाही से मुआवजे की राशि नहीं मिल पायी है।

    मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता से कहा कि रैयतों को जून तक मुआवजे की राशि का भुगतान कर दिया जायेगा।

    बोकारो के 5 वर्षीय बालक युवराज अग्निहोत्री किडनी संबंधी बीमारी को लेकर सीएमसी, वेल्लोर में भर्ती है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत सहायता राशि दो माह बाद भी नहीं मिलने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, सुधीर त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बुधवार तक बच्चे को सहायता राशि मिल जायेगी। गिरिडीह में दो साल बाद भी 19 वर्षीया युवती की हत्या के बाद अब तक अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    एक माह के अंदर मामले की जांच कर अभियुक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। अगर इस मामले में आइ.ओ. की ओर से लापरवाही हुई है तो इस बिंदु पर भी जांचकर उसके विरुद्ध कार्रवाई करें।

    गुमला में राज्य खाद्य निगम में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पद पर कार्यरत सतीश चौधरी को 4 साल से अधिक समय बीत जाने पर भी बकाये राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को एक माह के अंदर बकाये का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता के कार्यालयों में अनुबंध पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिये गये।

    सबका समय पर मानदेय का भुगतान हो सके, इस हेतु अधिकारी स्थायी हल निकालें।

    रांची के सोनाहातू प्रखंड के सभी गांवों में किसानों द्वारा 419 डोभा का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद 323 लाभुकों को राशि का भुगतान कर दिया गया लेकिन शेष 96 लाभुकों को डेढ़ साल बाद भी कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद अब तक राशि नहीं मिलने की शिकायत पर उपायुक्त ने कहा कि कार्रवाई के लिए लिखा गया है। 2018-19 के बजट में इसका प्रावधान किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च में हर हाल में शेष लाभुकों का भुगतान हो जाना चाहिए।